NSE के मेगा IPO से पहले बड़ी हलचल, शेयर बेचने को कह रहा ब्रोकरेज हाउस
मुख्य बातें
- घरेलू ब्रोकरेज हाउस दौलत कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड ने सेल (Sell) रेटिंग के साथ NSE का कवरेज शुरू किया है
- ब्रोकरेज हाउस ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों को बेचने की सलाह दी है
- ब्रोकरेज हाउस ने एक्सचेंज के शेयरों के लिए 1550 रुपये का टारगेट दिया है

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने आईपीओ की तैयारियों में जुटा है। इस बीच, NSE के IPO में पैसा लगाने की तैयारी कर रहे निवेशकों को एक ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट से झटका लगा है। NSE के शेयरों को सेल (Sell) रेटिंग मिली है। यानी, ब्रोकरेज हाउस ने एक्सचेंज के शेयर बेचने को कहा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम के हिसाब से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव्स एक्सचेंज है।
NSE के शेयरों पर क्या बोला ब्रोकरेज हाउस?
लोकल ब्रोकरेज हाउस दौलत कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड ने बेयरिश कॉल के साथ देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज पर कवरेज शुरू किया है। ब्रोकरेज हाउस ने कहा है कि देश के इक्विटी डेरिवेटिव्स मार्केट पर सख्त रेगुलेशंस ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर डालेगा और इससे एक्सचेंज के मार्केट शेयर में गिरावट आएगी। ब्रोकरेज हाउस ने कहा है कि ऐसे में स्टॉक के मौजूदा वैल्यूएशंस पर तेजी की बहुत कम गुंजाइश है।
ब्रोकरेज हाउस ने दिया है 1550 रुपये का टारगेट
ब्रोकरेज हाउस दौलत कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों का टारगेट प्राइस 1550 रुपये तय किया है। प्राइवेट ट्रेडिंग मार्केट में एक्सचेंज के शेयरों का करेंट प्राइस 2085 रुपये है। ब्रोकरेज हाउस ने जो टारगेट प्राइस दिया है, वह NSE के करेंट प्राइस से 26 पर्सेंट के डिस्काउंट पर है। अनलिस्टेड शेयर-ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म unlistedzone.com के मुताबिक, पिछले 12 महीने में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों में 3 पर्सेंट की गिरावट आई है। स्टॉक एक्सचेंज की मौजूदा मार्केट वैल्यू 5.2 ट्रिलियन रुपये है।
सितंबर में लिस्टिंग का है प्लान
ब्रोकरेज हाउस दौलत कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी रिपोर्ट में हाइलाइट किया है कि अनलिस्टेड मार्केट में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के वैल्यूएशंस इसके वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले ज्यादा हैं, जबकि इसकी प्रॉफिट ग्रोथ कम है। दौलत मार्केट प्राइवेट लिमिटेड का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का ऑप्शंस ट्रेडिंग टर्नओवर करीब 4 पर्सेंट के सालाना रेट से घटेगा, क्योंकि सख्त रेगुलेशंस, कम रिटेल पार्टिसिपेशन और कमजोर मार्केट साइकल एक्विविटी पर असर डालेगा। ब्रोकरेज हाउस ने बीएसई लिमिटेड और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड का भी कवरेज शुरू किया है और इन्हें सेल रेटिंग्स दी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल कर दिए हैं और सितंबर लिस्टिंग का टारगेट है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। एक्सचेंज के आईपीओ को फिलहाल मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) की मंजूरी का इंतजार है।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
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विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।
पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


