
15 जनवरी को NSE बंद रहेगा या नहीं? निवेशकों के लिए जानना जरूरी
महाराष्ट्र सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों के कारण गुरुवार, 15 जनवरी को राज्य में सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है। यह छुट्टी बृहन्मुंबई नगर निगम के तहत मुंबई शहर और मुंबई उपनगरीय जिलों सहित 29 नगर निगमों पर लागू होगी।
अगर शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों के कारण गुरुवार, 15 जनवरी को राज्य में सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद अब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी एक सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर के मुताबिक कुछ सेगमेंट में ट्रेडिंग 15 जनवरी को बंद रहेगी।
क्या है NSE के सर्कुलर में?
हालांकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) इस दिन सामान्य ट्रेडिंग के लिए खुला रहेगा। NSE के सर्कुलर में बताया गया है कि 15 जनवरी को सेटलमेंट हॉलिडे रहेगा। सेटलमेंट हॉलिडे होने का मतलब यह है कि इस दिन T+0 सेटलमेंट नहीं होगा। हालांकि एक्सचेंज के तय समय के अनुसार ट्रेडिंग गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहेंगी, लेकिन उस दिन के T+0 सेटलमेंट से जुड़ी क्लियरिंग और सेटलमेंट प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी। सेटलमेंट हॉलिडे का असर T+1 सेटलमेंट पर भी पड़ा है। संशोधित शेड्यूल के अनुसार, 14 जनवरी को किए गए ट्रेड्स का सेटलमेंट अब 16 जनवरी को होगा। वहीं, 15 जनवरी को किए गए ट्रेड्स का सेटलमेंट भी 16 जनवरी को ही किया जाएगा।
29 नगर निगमों पर लागू
बता दे कि मुंबई नगर निगम के तहत अवकाश मुंबई शहर और मुंबई उपनगरीय जिलों सहित 29 नगर निगमों पर लागू होगी। सरकार का यह नोटिफिकेशन नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 25 के तहत जारी किया गया था, जिसमें गृह मंत्रालय द्वारा 1968 से राज्य सरकार को दी गई शक्तियों का इस्तेमाल किया गया था।
BSE ऑल डेरिवेटिव स्टॉक्स इंडेक्स लॉन्च
इस बीच, BSE की पूरी तरह से सब्सिडियरी BSE इंडेक्स सर्विसेज ने 'BSE ऑल डेरिवेटिव स्टॉक्स इंडेक्स' लॉन्च करने की घोषणा की, जिसे BSE 500 यूनिवर्स के अंदर डेरिवेटिव-योग्य स्टॉक्स के परफॉर्मेंस को ट्रैक करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह इंडेक्स BSE 500 के उन शेयरों के परफॉर्मेंस को कैप्चर करके भारत के इक्विटी डेरिवेटिव्स मार्केट की बढ़ती गहराई और लिक्विडिटी को दिखाने की कोशिश करता है जो डेरिवेटिव ट्रेडिंग से जुड़े हैं। BSE ऑल डेरिवेटिव स्टॉक्स इंडेक्स के शेयरों को फ्लोट-एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन और मोमेंटम स्कोर के कॉम्बिनेशन के आधार पर वेटेज दिया जाता है, जिसमें हर स्टॉक का वेटेज 10% तक सीमित है।
सेबी ने शेयर ब्रोकरों के लिए नए नियम अधिसूचित किए
सेबी ने तीन दशक से अधिक पुराने शेयर ब्रोकरों से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव करते हुए नए नियम अधिसूचित किए हैं जिसके तहत अब शेयर ब्रोकर अन्य वित्तीय नियामकों के दायरे में आने वाली गतिविधियां भी कर सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना और कारोबारी सुगमता को बढ़ाना है। सेबी ने अधिसूचना जारी कर सेबी (शेयर ब्रोकर) विनियम, 1992 की जगह सेबी (शेयर ब्रोकर) विनियम, 2026 को लागू कर दिया है। नए नियमों में नियामकीय भाषा को सरल बनाया गया है, पुराने एवं अप्रासंगिक प्रावधानों को हटाया गया है तथा परिभाषाओं को अधिक स्पष्ट बनाया गया है।





