NSE ने दिग्गज ब्रोकरेज को दिया बड़ा झटका, नए क्लाइंट जोड़ने से रोका
मुख्य बातें
- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने यस सिक्योरिटीज (इंडिया) लिमिटेड को बड़ा झटका दिया है
- स्टॉक एक्सचेंज ने आरोप लगाया है कि इस ब्रोकरेज फर्म ने मार्जिन-कलेक्शन से जुड़े जुर्माने अपने ग्राहकों पर डाल दिए थे

Yes Securities Ban News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने यस सिक्योरिटीज (इंडिया) लिमिटेड को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, स्टॉक एक्सचेंज ने इस ब्रोकरेज को तीन महीने के लिए नए क्लाइंट्स जोड़ने से रोक दिया है। स्टॉक एक्सचेंज ने आरोप लगाया है कि इस ब्रोकरेज फर्म ने मार्जिन-कलेक्शन से जुड़े जुर्माने अपने ग्राहकों पर डाल दिए थे।
ब्लूमबर्ग की एक खबर में NSE का हवाला देते हुए बताया कि यस सिक्योरिटीज जरूरी अपफ्रंट मार्जिन बनाए रखने में नाकाम रही और कई मामलों में, क्लियरिंग हाउस द्वारा लगाए गए जुर्माने को क्लाइंट्स पर डाल दिया। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि NSE की डिसिप्लिनरी कमिटी ने फर्म पर ₹1,00,000 का जुर्माना भी लगाया और उसे 15 दिनों के भीतर प्रभावित क्लाइंट्स को पैसे वापस करने का निर्देश दिया।
एक्सचेंज ने यह भी बताया कि ब्रोकरेज को पहले भी इसी तरह की रेगुलेटरी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। दिसंबर 2024 में NSE ने फर्म को चेतावनी दी थी और उसे 9.45 लाख रुपये वापस करने का निर्देश दिया था, जो 30 पिछले मामलों में क्लाइंट्स को दिए गए थे। हालांकि, कमेटी के अनुसार ब्रोकरेज उन निर्देशों का पालन करने में विफल रहा और बाद के इंस्पेक्शन पीरियड के दौरान भी उसी तरीके को जारी रखा।
आदेश में आगे आरोप लगाया गया कि ब्रोकरेज ने अनधिकृत मार्केट तरीकों में हिस्सा लिया, जिसमें पीक मार्जिन की गलत रिपोर्टिंग, कुछ क्लाइंट खातों में अर्ली पे-इन ट्रांजैक्शन को पूरा करने में विफलता और कुछ क्लाइंट्स को पर्याप्त अपफ्रंट मार्जिन लिए बिना ट्रेड करने की अनुमति देना शामिल है।
क्या होता है अपफ्रंट मार्जिन?
अपफ्रंट मार्जिन की शर्तों का मकसद यह पक्का करना है कि ब्रोकर ट्रेड करने से पहले क्लाइंट्स से जरूरी कोलैटरल इकट्ठा करें, जिससे मार्केट में सिस्टम से जुड़ा रिस्क कम हो सके। स्टॉक एक्सचेंज आम तौर पर ट्रेडिंग सदस्यों को मार्जिन अनुशासन बनाए रखने के लिए जिम्मेदार मानते हैं और ब्रोकरों से यह उम्मीद की जाती है कि वे क्लाइंट्स पर बेवजह बोझ डाले बिना इन जिम्मेदारियों का पालन करें।
डेरिवेटिव्स सेगमेंट से 2 शेयर बाहर
इस बीच, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने दो शेयरों की एक लिस्ट जारी की है, जिन्हें जुलाई के आखिर से डेरिवेटिव्स सेगमेंट से हटा दिया जाएगा। ये दो शेयर Exide Industries Ltd. और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट हैं।
इनको 29 जुलाई, 2026 से F&O कॉन्ट्रैक्ट्स से हटा दिया जाएगा। NSE ने कहा कि मई 2026, जून 2026 और जुलाई 2026 के एक्सपायरी महीनों के मौजूदा, अभी तक खत्म न हुए कॉन्ट्रैक्ट्स उनकी संबंधित एक्सपायरी तक ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध रहेंगे और मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट महीनों में नए स्ट्राइक्स भी पेश किए जाएंगे।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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