
मोदी सरकार ने बच्चों के लिए शुरू की थी यह स्कीम, अब हुए हैं बड़े बदलाव
पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने NPS वात्सल्य योजना को लेकर नए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। नए दिशानिर्देशों में NPS वात्सल्य को औपचारिक रूप से स्पेसिफिक पर्पस स्कीम के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
NPS Vatsalya: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से नाबालिग बच्चों के लिए शुरू किए गए NPS वात्सल्य योजना में बड़े बदलाव हुए हैं। दरअसल, पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने NPS वात्सल्य योजना को लेकर नए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। नए दिशानिर्देशों में NPS वात्सल्य को औपचारिक रूप से स्पेसिफिक पर्पस स्कीम के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह वर्गीकरण PFRDA (NPS के अंतर्गत निकासी और एग्जिट) विनियम, 2015 के रेगुलेशन 4A के तहत किया गया है। यह बदलाव दिसंबर 2025 में अधिसूचित नियामकीय संशोधनों के बाद संभव हुआ है, जिसके तहत PFRDA को विशेष उद्देश्य वाली योजनाओं के लिए अलग नियम तय करने का अधिकार मिला है।
आंशिक निकासी के नियम स्पष्ट
इसके साथ ही 2025 की गाइडलाइंस में नाबालिग खाताधारकों के लिए आंशिक निकासी के नियमों को और स्पष्ट किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार, खाता खोलने के तीन वर्ष पूरे होने के बाद ही आंशिक निकासी की अनुमति होगी। यह निकासी बच्चे की शिक्षा, गंभीर बीमारी के इलाज और अन्य निर्धारित आवश्यकताओं के लिए की जा सकेगी। PFRDA के मुताबिक इन बदलावों का उद्देश्य NPS वात्सल्य योजना को अधिक पारदर्शी और उद्देश्यपूर्ण बनाना है ताकि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक मजबूत और सुव्यवस्थित पेंशन ढांचा तैयार किया जा सके।
योजना के बारे में
-एनपीएस वात्सल्य एक अंशदायी पेंशन योजना है, जिसे विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु तक के सभी भारतीय नाबालिग नागरिकों के लिए डिजाइन किया गया है।
- प्रान नाबालिग के नाम पर जारी किया जाता है।
-एनपीएस वात्सल्य खाता हमारी बैंक शाखाओं अथवा एनपीएस ट्रस्ट के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (ईएनपीएस) पर खोला जा सकता है।
- जरूरी दस्तावेजों में नाबालिग की जन्म तिथि का प्रमाण, अभिभावक का केवाईसी पहचान और पते का प्रमाण शामिल है।
-अभिभावक का स्थायी खाता संख्या (पैन) अथवा फॉर्म 60 घोषणा (नियम 114 बी) शामिल है।
- खाता खोलने का योगदान: न्यूनतम 1,000 रुपये है।





