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NPS, यूपीएस और अटल पेंशन स्कीम... नियमों में बदलाव, निवेशकों पर पड़ेगा असर?

NPS, यूपीएस और अटल पेंशन स्कीम... नियमों में बदलाव, निवेशकों पर पड़ेगा असर?

संक्षेप:

पेंशन नियामक संस्था ने एक सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत निवेश नियमों में व्यापक बदलाव करते हुए इन योजनाओं को अब सोने और चांदी के ETFs, निफ्टी 250 इंडेक्स और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स में निवेश की अनुमति दे दी गई है। 

Dec 11, 2025 04:04 pm ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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अगर आप राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) या अटल पेंशन योजना से जुड़े हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, पेंशन नियामक संस्था PFRDA ने एक सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत निवेश नियमों में व्यापक बदलाव करते हुए इन योजनाओं को अब सोने और चांदी के ETFs, निफ्टी 250 इंडेक्स और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स में निवेश की अनुमति दे दी गई है। यह नई व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।

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क्या हुए हैं बदलाव?

नए नियमों के तहत पेंशन फंड अब अपने पोर्टफोलियो का 65% तक हिस्सा सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश कर सकेंगे। सरकारी सिक्योरिटीज की बात करें तो इसमें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी बॉन्ड, PSUs के बॉन्ड और गिल्ट फंड्स भी होते हैं। इसके साथ ही कॉरपोरेट डेट में निवेश सीमा 45% तय की गई है जिसमें उच्च रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड, बैंक टर्म डिपॉजिट, REITs और InvITs के ऋण साधन, AAA रेटेड म्युनिसिपल बॉन्ड और मल्टीलेटरल एजेंसियों द्वारा जारी बॉन्ड शामिल हैं। शार्ट टर्म जरूरतों के लिए पेंशन फंड 10% तक हिस्सा शॉर्ट-टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट्स में लगा सकते हैं। वहीं इक्विटी में निवेश की अधिकतम सीमा 25% रखी गई है। इस वर्ग में केवल Nifty 250 और चुनिंदा BSE 250 कंपनियों के शेयर, इक्विटी ETFs तथा सीमित दायरे में म्यूचुअल फंड शामिल होंगे।

वैकल्पिक निवेश साधनों में निवेश पर बदलाव

सबसे अहम बदलाव वैकल्पिक निवेश साधनों में निवेश को लेकर है। अब पेंशन फंड REITs, InvITs, एआईएफ कैटेगरी I एवं II और गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में भी निवेश कर सकेंगे। हालांकि इस श्रेणी में कुल निवेश सीमा 5% और सोना-चांदी ईटीएफ व एआईएफ के लिए अलग-अलग 1% तय की गई है। जोखिम प्रबंधन पर भी कड़ा जोर दिया गया है। किसी एक उद्योग में कुल निवेश 15% से अधिक नहीं हो सकेगा। इसी तरह किसी स्पॉन्सर समूह की कंपनी में 5% और गैर-समूह कंपनी में 10% से अधिक निवेश सीमा नहीं होगी।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar
दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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