बदल गए NPS अकाउंट से जुड़े कई नियम, निवेशकों के लिए जानना जरूरी
मुख्य बातें
- टियर-II खातों का एनुअल मेंटेनेंस चार्ज अब टियर-I खातों के समान सेक्टर (सरकारी या निजी) के अनुसार तय होगा
- अगर किसी निवेशक ने लगातार चार तिमाहियों तक कोई योगदान नहीं होता है, तो अकाउंट को निष्क्रिय माना जाएगा और उस पर एनुअल मेंटेनेंस चार्ज 10% लगेगा

अगर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करते हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS से जुड़े कुछ नियमों को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। इसके तहत, मुख्य रूप से एनुअल मेंटेनेंस चार्ज (AMC), निष्क्रिय खातों की फीस और PRAN से जुड़े चार्जेज को लेकर स्पष्टता दी गई है, ताकि सभी सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRAs) में एकरूपता लाई जा सके। आइए डिटेल में इन नए नियमों को समझ लेते हैं।
एक PRAN से जुड़े हर स्कीम पर चार्ज
नए नियमों के तहत टियर-II खातों का एनुअल मेंटेनेंस चार्ज अब टियर-I खातों के समान सेक्टर (सरकारी या निजी) के अनुसार तय होगा। वहीं छोटे निवेशकों को राहत देते हुए ₹1000 तक बैलेंस वाले टियर-II खातों पर कोई एनुअल मेंटेनेंस चार्ज नहीं लगेगा। इसके अलावा, एक ही PRAN के तहत जुड़े हर पेंशन स्कीम को अलग अकाउंट माना जाएगा और उस पर अलग-अलग एनुअल मेंटेनेंस चार्ज लगाया जाएगा।
इसका नुकसान उन निवेशकों को होगा जिन्होंने कई स्कीम में निवेश किया है। अब उनके कुल खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, निवेशकों के निष्क्रिय खातों के लिए भी राहत दी गई है। अगर किसी निवेशक ने लगातार चार तिमाहियों तक कोई योगदान नहीं होता है, तो अकाउंट को निष्क्रिय यानी डोरमेंट माना जाएगा और उस पर एनुअल मेंटेनेंस चार्ज 10% लगेगा। इस अकाउंट को दोबारा एक्टिव करने के लिए कंट्रिब्यूशन शुरू करना होगा। PRAN से जुड़े शुल्कों के संबंध में भी स्पष्टीकरण दिया गया है। PRAN खोलने का शुल्क केवल एक बार लिया जाएगा। ये शुरुआती खाता बनाते समय लिया जाएगा।
PRAN से जुड़े शुल्कों पर भी भ्रम दूर करते हुए बताया गया है कि PRAN खोलने का शुल्क केवल एक बार लिया जाएगा और मौजूदा PRAN के तहत नए Tier-I या Tier-II खाते खोलने या सक्रिय करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। नियामक ने अटल पेंशन योजना (APY) और NPS-लाइट योजनाओं के तहत शून्य बैलेंस वाले खातों के लिए AMC भी शून्य निर्धारित किया है। इसका फायदा कम आय वर्ग के निवेशकों को मिलेगा। जानकारी के मुताबिक सभी शुल्क हर तिमाही के अंत में वसूले जाएंगे, जो या तो नियोक्ता के माध्यम से या सीधे निवेशक के खाते से काटे जाएंगे।
एनपीएस हेल्थ का पायलट प्रोजेक्ट
बता दें कि हाल ही में एनपीएस हेल्थ का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। PFRDA इसके नियामकीय प्राधिकरण के रूप में काम करता है जबकि इस योजना के लिए 'मेडिअसिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज' मुख्य टेक्नीकल पार्टनर के रूप में डिजिटल इंफ्रा मुहैया करा रही है। वहीं, कैम्स केआरए ग्राहकों के रजिस्ट्रेशन और केवाईसी सुविधा में सहयोग करती है। टाटा पेंशन फंड और एक्सिस पेंशन फंड को इसके लिए नामित पेंशन फंड मैनेजर बनाया गया है। इसके अलावा, आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस इंटीग्रेटेड टॉप-अप बीमा कवर देती है और मेडिअसिस्ट टीपीए दावों का प्रबंधन करती है।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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