
चीन के एक फैसले से इन भारतीय कंपनियों को झटका! अब ब्रोकरेज ने दी शेयरों पर अपनी राय
भारत की बात करें तो हाल की खपत में जो थोड़ी नरमी दिखी है, उसे ब्रोकरेज सीजनल मानता है, न कि स्ट्रक्चरल कमजोरी। रिपोर्ट के मुताबिक FY27–28 में स्टील डिमांड की रफ्तार तेज हो सकती है।
विदेशी ब्रोकरेज नुवामा ने भारतीय स्टील सेक्टर को लेकर पॉजिटिव नजरिया बनाए रखा है। अपनी ताजा रिपोर्ट में नोमुरा ने टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और जिंदल स्टील पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि भले ही ग्लोबल लेवल पर चुनौतियां बनी हुई हों, लेकिन भारत में घरेलू स्टील कीमतों में सुधार से सेक्टर को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। वहीं, चीन में सरकार की ओर से उठाए गए विरोधी आक्रमण कदमों का असर दिखने लगा है और अप्रैल 2025 के बाद से वहां कच्चे स्टील का उत्पादन पिछले पांच साल के निचले स्तरों के आसपास ट्रेंड कर रहा है।
क्या है ब्रोकरेज की राय
नोमुरा का मानना है कि चीन में भले ही डिमांड कमजोर है, लेकिन आने वाले समय में वहां प्रॉपर्टी सेक्टर को लेकर और पॉलिसी सपोर्ट मिल सकता है। भारत की बात करें तो हाल की खपत में जो थोड़ी नरमी दिखी है, उसे ब्रोकरेज सीजनल मानता है, न कि स्ट्रक्चरल कमजोरी। रिपोर्ट के मुताबिक FY27–28 में स्टील डिमांड की रफ्तार तेज हो सकती है, जिसे ऑटो सेक्टर में रिकवरी, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ और मजबूत एंड-यूज़र इंडस्ट्रीज़ से सपोर्ट मिलेगा।
चेक करें टारगेट प्राइस
टारगेट प्राइस की बात करें तो नोमुरा ने जेएसडब्ल्यू स्टील का टारगेट बढ़ाकर ₹1,340 कर दिया है, जो पहले ₹1,300 था। वहीं टाटा स्टील के लिए ₹215 और जिंदल स्टील के लिए ₹1,150 का टारगेट दिया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिंदल स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील अपने तीन साल के औसत वैल्यूएशन से क्रमशः करीब 19% और 10% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि टाटा स्टील लगभग 1% प्रीमियम पर है। इसके बावजूद ब्रोकरेज को आगे और अपसाइड की उम्मीद है।
नोमुरा के मुताबिक, सरकार द्वारा सेफगार्ड ड्यूटी को तीन साल के लिए बढ़ाने के बाद घरेलू HRC (हॉट रोल्ड कॉयल) कीमतों में अच्छी मजबूती आई है। जनवरी 2026 में HRC स्पॉट कीमतें बढ़कर ₹52,400 प्रति टन तक पहुंच गईं, जो Q3 के औसत ₹47,100 से करीब 11% ज्यादा हैं। वहीं भारतीय स्टील कंपनियों के मार्जिन भी सुधरे हैं और जनवरी में HRC स्पॉट मार्जिन करीब ₹32,000 प्रति टन हो गया है। मजबूत कीमतें, बढ़ती कोकिंग कोल लागत और कमजोर रुपये के बावजूद कंपनियां बेहतर स्थिति में दिख रही हैं। कुल मिलाकर, नोमुरा को लगता है कि भारतीय स्टील सेक्टर आने वाले समय में मजबूती से आगे बढ़ सकता है।





