10 करोड़ लोगों की जिंदगी बदलने वाली नीता अंबानी को मिला देश का बड़ा सम्मान, फॉर्च्यून इंडिया 2026 लिस्ट में पहला स्थान
मुख्य बातें
- रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी को ‘फॉर्च्यून इंडिया की सबसे शक्तिशाली महिलाएं 2026’ की लिस्ट में पहला स्थान मिला है
- यह सम्मान उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए दिया गया
- रिलायंस फाउंडेशन अब तक 10 करोड़ लोगों की जिंदगी बदल चुका है

देश की जानी-मानी उद्योगपति और रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी को फॉर्च्यून इंडिया की सबसे शक्तिशाली महिलाएं 2026 (Fortune India Most Powerful Women 2026) की प्रतिष्ठित लिस्ट में पहला स्थान मिला है। यह सम्मान उन्हें केवल कारोबारी दुनिया में प्रभाव के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके लंबे समय से किए जा रहे योगदान के लिए दिया गया है। फॉर्च्यून इंडिया के मुताबिक, रिलायंस फाउंडेशन के जरिए अब तक 10 करोड़ (100 मिलियन) से अधिक लोगों तक विभिन्न सामाजिक योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। इनमें करीब 2.9 करोड़ (29 मिलियन) बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं मिली हैं।
मुंबई के फोर सीजंस होटल में आयोजित फॉर्च्यून इंडिया की सबसे शक्तिशाली महिलाएं 2026 (Fortune India Most Powerful Women 2026) कार्यक्रम में देशभर की 100 प्रभावशाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस लिस्ट में बिजनेस, फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, पब्लिक पॉलिसी और स्टार्टअप जगत की कई प्रमुख महिला नेताओं को शामिल किया गया। कार्यक्रम के दौरान नेतृत्व, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वित्तीय सशक्तिकरण, उद्यमिता, समावेशी विकास और विकसित भारत जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस मौके पर नीता अंबानी ने कहा कि नेतृत्व का मतलब केवल सफलता हासिल करना नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल बनाना भी है जहां हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि अगर भारत को भविष्य में और मजबूत बनाना है तो लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसरों में निवेश करना सबसे जरूरी है। उनका मानना है कि महिलाओं को केवल आर्थिक सेवाओं तक पहुंच देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें संपत्ति बनाने और वित्तीय फैसले लेने में भी सक्षम बनाना होगा।
कार्यक्रम में मौजूद कई उद्योग जगत के नेताओं ने भी माना कि आज AI, नई तकनीक और बदलती वैश्विक परिस्थितियां कारोबार का तरीका बदल रही हैं। इसके बावजूद सफल नेतृत्व की असली पहचान जिज्ञासा, दृढ़ता, ग्राहकों की जरूरतों को समझना और सही निर्णय लेने की क्षमता ही रहेगी। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में वे कंपनियां सबसे ज्यादा सफल होंगी जो तकनीक के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी महत्व देंगी।
फॉर्च्यून इंडिया (Fortune India) ने कहा कि 2026 की सबसे शक्तिशाली महिलाएं (Most Powerful Women 2026) प्लेटफॉर्म का उद्देश्य उन महिलाओं को पहचान देना है, जो अपने नेतृत्व से भारत की अर्थव्यवस्था और समाज दोनों को नई दिशा दे रही हैं। नीता अंबानी का टॉप लेवल इस बात का संकेत है कि आज सामाजिक प्रभाव और राष्ट्र निर्माण भी नेतृत्व का महत्वपूर्ण पैमाना बन चुका है। रिलायंस फाउंडेशन के जरिए ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, खेल, कला-संस्कृति और महिला सशक्तिकरण जैसे सेक्टर में किए गए उनके कार्यों ने उन्हें देश की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में सबसे ऊपर पहुंचाया है।
एक्सपर्ट का मानना है कि यह सम्मान सिर्फ नीता अंबानी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और सामाजिक विकास के बढ़ते महत्व का भी प्रतीक है। आने वाले समय में उद्योग जगत की बड़ी कंपनियों से भी ऐसी ही सामाजिक भागीदारी की उम्मीद की जा रही है, ताकि आर्थिक विकास के साथ-साथ समाज के हर वर्ग तक उसका लाभ पहुंच सके।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


