New Tax Rule Alert: अब इनकम छुपाई तो आयकर विभाग करेगा खुद हिसाब
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए आयकर नियमों (New Income Tax Rule) ने टैक्सपेयर्स के लिए एक अहम बदलाव किया है। अब अगर आपकी वास्तविक इनकम स्पष्ट नहीं है या डॉक्यूमेंट्स अधूरे हैं, तो आयकर विभाग खुद आपकी आय का अनुमान लगाकर टैक्स तय कर सकता है।

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए आयकर नियमों (New Income Tax Rule) ने टैक्सपेयर्स के लिए एक अहम बदलाव किया है। अब अगर आपकी वास्तविक इनकम स्पष्ट नहीं है या डॉक्यूमेंट्स अधूरे हैं, तो आयकर विभाग खुद आपकी आय का अनुमान लगाकर टैक्स तय कर सकता है। यह नियम खासतौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो समय पर ITR फाइल नहीं करते या नोटिस का जवाब नहीं देते।
कब AO आपकी आय का अनुमान लगा सकता है?
नए नियम 9 के अनुसार, मूल्यांकन अधिकारी (AO) को यह अधिकार तब मिलता है जब आपकी आय “निश्चित रूप से तय” नहीं की जा सकती। यह स्थिति तब मामलों में बनती है, जब आपने ITR फाइल नहीं किया या आयकर विभाग के नोटिस का जवाब नहीं दिया।
सीए अभिनंदन पांडेया के मतुाबिक आय से जुड़े दस्तावेज अधूरे या अस्पष्ट हैं या NRI की भारत से जुड़े आय का स्पष्ट डेटा नहीं है तो ऐसी स्थिति में AO बेस्ट जजमेंट एसेसमेंट के तहत आपकी आय का अनुमान लगाकर टैक्स तय कर सकता है।
कैसे तय होगी आपकी अनुमानित आय?
सीए अजय बगड़िया के मतुाबिक अगर आपकी आय स्पष्ट नहीं है, तो अधिकारी कई तरीकों का इस्तेमाल कर सकता है। जैसे, कुल कारोबार का एक प्रतिशत, ग्लोबल प्रॉफिट रेशियो या उपलब्ध डेटा के आधार पर उचित अनुमान लगा सकता है। यानी अगर रिकॉर्ड साफ नहीं है, तो विभाग अपनी गणना से टैक्स तय करेगा।
किन लोगों के लिए ज्यादा जोखिम?
सीए संतोष मिश्रा के मुताबिक NRI और इंटरनेशनल इनकम वाले लोग या बिजनेस करने वाले जिनके रिकॉर्ड कमजोर हैं या फिर ITR देर से या नहीं भरने वाले लोग हैं तो इन लोगों के लिए यह नियम ज्यादा सख्त असर डाल सकता है।
इससे कैसे बचें?
समय पर ITR फाइल करें, सभी दस्तावेज सही रखें। आयकर नोटिस का तुरंत जवाब दें और पारदर्शिता बनाए रखें। आसान भाषा में कहें तो रिकॉर्ड साफ है तो कोई डर नहीं, वरना विभाग खुद हिसाब लगाएगा।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


