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नई सरकार के लिए प्रमुख एजेंडे में रहेगा नया पैकेज, लोकसभा इलेक्शन के बाद होगा ऐलान

  • नया पैकेज पिछले पैकेज से काफी बड़ा होगा। इस पर काम पहले ही शुरू हो चुका है, हालांकि इस संबंध में घोषणाएं लोकसभा इलेक्शन के बाद नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद ही की जाएंगी।

Drigraj Madheshia नई दिल्ली, हिन्दुस्तान संवाददाताMon, 29 April 2024 05:58 AM
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सरकार सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए एक नया अरबों डॉलर का प्रोत्साहन पैकेज लाने पर विचार कर रही है। मोदी सरकार ने दिसंबर 2021 में 76,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। अब इसे बंद कर नया पैकेज लाने की तैयारी है। नया पैकेज पिछले पैकेज से काफी बड़ा होगा। इस पर काम पहले ही शुरू हो चुका है, हालांकि इस संबंध में घोषणाएं लोकसभा इलेक्शन के बाद नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद ही की जाएंगी।

नई सरकार के लिए प्रमुख एजेंडे में रहेगा नया पैकेज

टीओआई के सूत्र के मुतबिक नया पैकेज नई सरकार के लिए प्रमुख एजेंडे में से एक होगा और इसे प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर्स के लिए जो नए प्रस्ताव आ रहे हैं, उनके लिए नए पैकेज की जरूरत है। सूत्र ने कहा, "मामले को नई कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। प्रोत्साहन के मामले में राज्य से तुरंत आश्वासन की आवश्यकता होगी।"

अमेरिका और चीन सेमीकंडक्टर्स इस क्षेत्र में काफी आक्रमाक हैं। दोंनों सेमीकंडक्टर्स में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए बहुत बड़े पैकेज की घोषणा की है। अगर भारत की बात करें तो दिसंबर 2021 पैकेज की सफलता सरकार को नए पैकेज पर काम करने के लिए प्रेरित कर रही है।

वर्तमान योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र डिस्प्ले और सेमीकंडक्टर फैब्रिकेटर्स को परियोजना की लागत का 50 फीसद तक वित्तीय सहायता देती है। अब आने वाले निवेशों के बाद यह लगभग समाप्त हो गया है।

बता दें कई दशकों की कोशिश के बावजूद भारत अपने यहां सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग के लिए कोई विश्वसनीय प्रस्ताव पाने में विफल रहा था। अंततः अमेरिकी कंपनी माइक्रोन ने जून 2023 में गुजरात में 22,500 करोड़ रुपये की टेस्टिंग और पैकेजिंग यूनिट के साथ भारत में एंट्री की।

1.3 लाख करोड़ रुपये के तीन प्रस्तावों को मंजूरी

इसके बाद इस साल फरवरी में लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये के तीन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में गुजरात के धोलेरा में ताइवानी पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्प के साथ भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब यूनिट स्थापित करने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की 91,000 करोड़ रुपये की परियोजना है।

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वहीं, असम के मोरीगांव में टाटा द्वारा ही 27,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (TSAT) यूनिट और जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाईलैंड के स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के साथ सीजी पावर की 7,600 करोड़ रुपये की परियोजना भी शामिल है।

नए प्रस्तावों की झड़ी

सरकार को जो नए प्रपोजल मिले हैं, उनमें जापानी शार्प द्वारा देश का पहला डिस्प्ले फैब यूनिट प्रस्ताव शामिल है, जिसमें 40,000 करोड़ रुपये तक का निवेश हो सकता है। भारत में निवेश के लिए इजरायल की चिपमेकर कंपनी टॉवर की भी सेमीकंडक्टर की 90,000 करोड़ रुपये की योजना है।

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