
₹7 लाख, ₹10 लाख या ₹15 लाख CTC; कर्मचारियों के सैलरी पैकेज में होगा बदलाव!
इस लेबर लॉ में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वेजेज की एक समान परिभाषा लागू होगी। इसके अनुसार कर्मचारी की बेसिक पे, डीए (महंगाई भत्ता) और रिटेनिंग अलाउंस कुल CTC का कम-से-कम 50% होना अनिवार्य होगा।
बीते 21 नवंबर से नए लेबर लॉ लागू हो चुके हैं। इस लेबर लॉ में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वेजेज की एक समान परिभाषा लागू होगी। इसके अनुसार कर्मचारी की बेसिक पे, डीए (महंगाई भत्ता) और रिटेनिंग अलाउंस कुल CTC का कम-से-कम 50% होना अनिवार्य होगा। यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि कंपनियां जानबूझकर बेसिक पे कम रखकर PF और ग्रेच्युटी में अपना योगदान कम न कर सकें। हालांकि, इससे कर्मचारी की इन हैंड सैलरी कम हो जाएगी।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
ईटी की खबर के मुताबिक खेतान एंड कंपनी के विनय जॉय बताते हैं कि नए फ्रेमवर्क में PF, ग्रेच्युटी और सामाजिक सुरक्षा योगदान, तीनों की गणना एक समान वेज बेस से होगी। यदि किसी कर्मचारी के अलाउंस 50% से अधिक हैं तो अतिरिक्त हिस्सा वेतन में जोड़कर PF और ग्रेच्युटी की गणना की जाएगी।
डेलॉयट की दिव्या बवेजा कहती हैं कि वेजेज की परिभाषा अब बहुत विस्तृत है और इसमें ज्यादातर भत्ते शामिल माने जाएंगे। हालांकि,अकॉर्ड ज्यूरिस के अलाय रजवी का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनियों को सीधे बेसिक पे बढ़ाना ही पड़ेगा बल्कि, PF–ग्रेच्युटी की गणना एक नए वेतन आधार पर होगी। यानी कुल CTC वही रहेगा, लेकिन सैलरी के अंदरूनी हिस्सों का पुनर्गठन होगा।
टेक-होम सैलरी घट सकती है?
सायरिल अमरचंद मंगलदास की सौम्या कुमार कहती हैं कि अब सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की गणना एक ही वेज बेस पर होगी। इसलिए कंपनियों को अपना CTC स्ट्रक्चर इस तरह बदलना होगा कि कम-से-कम 50% वेतन PF कटौती के दायरे में आए। इससे कर्मचारियों की हाथ में मिलने वाली सैलरी घट सकती है-खासकर उन जगहों पर जहां PF केवल कम बेसिक पे पर कटता था। डेलॉयट की बवेजा के अनुसार ₹15000 से कम कमाने वाले कर्मचारियों की टेक-होम पर PF बढ़ने का असर होगा जबकि इससे ऊपर वालों पर प्रभाव PF स्कीम के नए नियमों पर निर्भर करेगा।
किस CTC पर क्या होगा प्रभाव?
-7 लाख रुपये CTC वाले कर्मचारी के लिए बेसिक वेतन 2.8 लाख रुपये से बढ़कर 3.5 लाख रुपये हो जाएगा। इसके चलते PF योगदान 33,600 रुपये से बढ़कर 42,000 रुपये और ग्रेच्युटी 13,468 रुपये से बढ़कर 16,835 रुपये तक पहुंच जाएगी। कुल मिलाकर टेक-होम सैलरी 6,52,932 रुपये से घटकर 6,41,165 रुपये रह जाएगी।
-10 लाख रुपये CTC पर बेसिक वेतन भले 4 लाख रुपये (40%) ही रहे, लेकिन संशोधित नियमों के तहत ग्रेच्युटी वेज 7.17 लाख रुपये मानी जाएगी। इससे ग्रेच्युटी 19,240 रुपये से बढ़कर 34,510 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। परिणामस्वरूप टेक-होम सैलरी 8,84,760 रुपये से कम होकर 8,69,490 रुपये रह जाएगी। लंबे समय में इसका बड़ा प्रभाव दिखेगा—7 साल बाद मिलने वाली कुल ग्रेच्युटी 1.35 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 2.41 लाख रुपये तक हो सकती है।
-15 लाख रुपये CTC वाले कर्मचारी का बेसिक वेतन 6 लाख रुपये से बढ़कर 7.5 लाख रुपये हो जाएगा। PF योगदान 72,000 रुपये से बढ़कर 90,000 रुपये और ग्रेच्युटी 28,860 रुपये से बढ़कर 36,075 रुपये होने का अनुमान है। इससे टेक-होम सैलरी 12,78,642 रुपये से घटकर 12,65,228 रुपये रह जाएगी।





