
नए लेबर कोड में टेक-होम सैलरी पर पड़ेगा असर? नौकरीपेशा लोगों के लिए जानना जरूरी
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने अपने आधिकारिक पोस्ट में एक उदाहरण साझा कर बताया कि नए लेबर कोड में कर्मचारियों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि वेतन संरचना बदलने के बावजूद टेक-होम पर सीधा असर नहीं पड़ेगा।
नए लेबर कोड के लागू होने से नौकरीपेशा लोगों से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। हालांकि, कुछ नियमों को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। ऐसा ही एक सवाल टेक-होम सैलरी (हाथ में मिलने वाली कुल राशि) से जुड़ा है। अब केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इस पर स्पष्टीकरण भी जारी किया है।
क्या कहा मंत्रालय ने?
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुतबिक नए वेज कोड लागू होने पर कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में कोई बदलाव नहीं होगा। यदि PF कटौती वर्तमान वैधानिक सीमा यानी ₹15,000 की वेज सीलिंग पर ही की जाती है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक पोस्ट में एक उदाहरण साझा कर बताया कि कर्मचारियों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि वेतन संरचना बदलने के बावजूद टेक-होम पर सीधा असर नहीं पड़ेगा।
उदाहरण से समझाया
मंत्रालय ने एक उदाहरण के जरिए बताया कि किसी कर्मचारी का कुल वेतन ₹60,000 है। इसमें बेसिक+ महंगाई भत्ता ₹20,000 और अलाउंस ₹40,000 हैं। नए कोड में यदि अलाउंस कुल वेतन के 50% से अधिक है, तो अतिरिक्त हिस्सा वेज में जोड़ दिया जाता है। इसी आधार पर कर्मचारी का वेज नए कोड के बाद ₹30,000 माना गया। इसके बावजूद PF की अनिवार्य कटौती वेज सीलिंग ₹15,000 पर ही की जाती है इसलिए कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों की पीएफ कटौती पहले जैसी ही ₹1800-₹1800 रहती है।
मंत्रालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण के मुताबिक टेक-होम सैलरी पहले की तरह ₹56,400 ही रहेगी। कर्मचारी और नियोक्ता, यदि चाहें तो, ₹15,000 वेज सीलिंग से अधिक पर भी स्वेच्छा से कटौती करा सकते हैं, लेकिन इसकी कोई कानूनी अनिवार्यता नहीं है। सरकार द्वारा यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब वेज कोड और उसकी संभावित सैलरी संरचना को लेकर कर्मचारियों में कई तरह की आशंकाएं फैल रही थीं। सोशल मीडिया और कई प्लेटफाॉर्म पर दावा किया जा रहा था कि नए कोड से हाथ में मिलने वाली रकम कम हो जाएगी, लेकिन मंत्रालय ने इन दावों को गलत बताया।





