Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़new labour code full payment required within 48 hours of dismissal separate skill compensation for retrenchment
लेबर कोड: नौकरी से हटाने पर 48 घंटे में पूरा भुगतान जरूरी, छंटनी में कौशल राशि अलग मिलेगी

लेबर कोड: नौकरी से हटाने पर 48 घंटे में पूरा भुगतान जरूरी, छंटनी में कौशल राशि अलग मिलेगी

संक्षेप:

केंद्र सरकार द्वारा लागू नए लेबर कोड में कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई है। इसके तहत अब किसी भी कर्मचारी के नौकरी छोड़ने, इस्तीफा देने या बर्खास्त होने की स्थिति में उसका पूरा भुगतान नियोक्ता कंपनी को सिर्फ दो कार्य दिवसों में करना होगा। पहले इसके लिए कोई निर्धारित समयसीमा तय नहीं थी।

Nov 28, 2025 06:09 am ISTDrigraj Madheshia हिन्दुस्तान टीम
share Share
Follow Us on

केंद्र सरकार द्वारा लागू नए लेबर कोड में कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई है। इसके तहत अब किसी भी कर्मचारी के नौकरी छोड़ने, इस्तीफा देने या बर्खास्त होने की स्थिति में उसका पूरा भुगतान नियोक्ता कंपनी को सिर्फ दो कार्य दिवसों में करना होगा। पहले इसके लिए कोई निर्धारित समयसीमा तय नहीं थी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

यह प्रावधान श्रम संहिता-2019 में जोड़ा गया है। अभी तक कई कंपनियों में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में 30 से 45 दिन तक लगते थे। कई मामलों में कंपनियां अगले वेतन साइकल का इंतजार करती थीं। इससे कर्मचारियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नए नियमों के तहत अब नियोक्ता को दो कामकाजी दिनों में कर्मचारी का पूरा हिसाब करना होगा।

नए नियम में ये शामिल

1. शामिल हिस्से : आखिरी महीने का वेतन, बकाया छुट्टी का पैसा और अन्य भत्ते शामिल होंगे, जो ‘वेतन’ की परिभाषा में आते हैं।

2. इनमें देरी संभव: ग्रेच्युटी, पीएफ के भुगतान की समय सीमा अलग हो सकती है, क्योंकि इनके नियम अलग होते हैं।

छंटनी होने पर 15 दिन की कौशल राशि अलग मिलेगी

सरकार ने 21 नवंबर 2025 से लागू हुए नए श्रम संहिता में कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। नए नियमों के अनुसार, नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों को अनिवार्य मुआवजे के साथ-साथ 15 दिनों की मजदूरी के बराबर एक अलग ‘पुन: कौशल निधि’ भी मिलेगी।

यह राशि नौकरी समाप्त होने के 45 दिनों के भीतर सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में जमा की जाएगी। यह राशि निश्चित अवधि और स्थायी दोनों तरह के कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने की स्थिति में दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रावधान औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 का हिस्सा है और इसका उद्देश्य कर्मचारियों को नई कौशल सीखने में सहायता देना है। इससे नौकरी छूटने के बाद कर्मचारी बदलते हुए रोजगार बाज़ार में फिर से रोजगार पाने की क्षमता विकसित कर सकेंगे।

क्या है नई व्यवस्था

नए श्रम नियमों में रिट्रेंचमेंट यानी गैर-अनुशासनात्मक कारणों से नौकरी समाप्त करने की प्रक्रिया को और स्पष्ट किया गया है। रिट्रेंचमेंट का अर्थ है कि कर्मचारी को किसी गलती या अनुशासनहीनता के बिना, कंपनी की आवश्यकता कम होने या पद समाप्त होने जैसी वजहों से नौकरी से हटाया जाए। यह व्यवस्था उन स्थितियों पर लागू नहीं होती जिनमें कर्मचारी स्वयं सेवानिवृत्ति लेता है।

कर्मचारियों को फायदा

1. नौकरी छोड़ते समय पैसों की कमी नहीं होगी।

2. नई नौकरी शुरू करने से पहले आर्थिक दबाव कम होगा।

3. कंपनियों की मनमानी और देरी पर रोक लगेगी।

4. फुल एंड फाइनल प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तेज होगी।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia
टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल मिलाकर 20 साल का अनुभव। एचटी डिजिटल से पहले दृगराज न्यूज नेशन, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, सहारा समय और वॉच न्यूज एमपी /सीजी में रिपोर्टिग और डेस्क पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। स्पेशल स्टोरीज,स्पोर्ट्स, पॉलिटिक्स, सिनेमा, स्पोर्ट्स के बाद अब बिजनेस की खबरें लिख रहे हैं। दृगराज, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।