
अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा न्यू इनकम टैक्स बिल, आज मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी
- New income tax bill: नया आयकर विधेयक छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने के लिए तैयार किया गया है। नए आयकर विधेयक में किसी भी तरह का कोई नया कर या कोई नया बोझ नहीं डाला जाएगा।
नया आयकर विधेयक (New Incometax Bill) में अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। इसी के साथ नए विधेयक पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होने की संभावना है। वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इससे पहले विधेयक के गुरुवार को पेश होने की उम्मीद जताई गई थी। नया आयकर विधेयक छह महीने के भीतर तैयार किया गया है
वित्त सचिव ने बताया कि नया आयकर विधेयक छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने के लिए तैयार किया गया है। नए आयकर विधेयक में किसी भी तरह का कोई नया Tax या कोई नया बोझ नहीं डाला जाएगा। इस विधेयक में 2025-26 के बजट में आयकर दरों, स्लैब और स्रोत पर कर कटौती (TDS) संबंधी प्रावधानों में किए गए बदलावों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम नीति में बहुत बड़ा बदलाव भी नहीं कर रहे हैं। हम कोई अस्थिरता वाली स्थिति नहीं पैदा करना चाहते।
बोझिल शब्दों को हटाया गया
पांडेय ने कहा कि नया कानून सरल होगा। इसमें लंबे वाक्य, प्रावधान और स्पष्टीकरण नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि कानून केवल कानूनी पेशेवरों के ही लिए नहीं होते हैं। इसे नागरिकों को भी समझ में आना चाहिए। करदाताओं को समझने में मदद करने के लिए कानून की भाषा को सरल बनाने का प्रयास किया गया है। नए कानून को संक्षिप्त बनाया गया है, पुराने प्रावधानों को हटाकर इसे कम बोझिल बनाया गया है।
गैर जरूरी प्रावधान हटेंगे
गौरतलब है कि लोकसभा में पेश बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नया आयकर विधेयक पेश करने का ऐलान किया था। वित्त मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि तैयार विधेयक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा। इससे देश में आयकर से जुड़ी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आएगा। अधिकारियों ने बताया कि नए कानून में व्यक्तिगत आयकरदाता से लेकर कॉरपोरेट क्षेत्र को गैरजरूरी प्रावधानों से छुटकारा मिलेगा। इसका मतलब है कि छोटे-छोटे मामलों में नोटिस जारी नहीं होंगे।

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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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