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जनवरी तक नोटिफाई हो जाएगा ITR फॉर्म, टैक्सपेयर्स के लिए लागू हो रहा नया अधिनियम

जनवरी तक नोटिफाई हो जाएगा ITR फॉर्म, टैक्सपेयर्स के लिए लागू हो रहा नया अधिनियम

संक्षेप: आयकर विभाग नए साल के पहले महीने यानी जनवरी तक आईटीआर फॉर्म और नियमों को नोटिफाई कर देगा। विभाग जनवरी तक सरलीकृत आयकर अधिनियम, 2025 के तहत फॉर्म और नियमों को नोटिफाई करेगा। ये जानकारी सीबीडीटी चेयरमैन ने दी है।

Mon, 17 Nov 2025 06:09 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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आयकर विभाग नए साल के पहले महीने यानी जनवरी तक आईटीआर फॉर्म और नियमों को नोटिफाई कर देगा। ये जानकारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के प्रमुख रवि अग्रवाल ने दी है। उन्होंने सोमवार को कहा कि आयकर विभाग जनवरी तक सरलीकृत आयकर अधिनियम, 2025 के तहत फॉर्म और नियमों को नोटिफाई करेगा। अग्रवाल ने कहा, ‘‘ हम फॉर्म व नियम तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। हम जनवरी तक इन्हें लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं ताकि करदाताओं को अपनी प्रणाली के भीतर अपनी प्रक्रियाओं को अनुकूलित करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।’’

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उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म को सरल रखना है ताकि अनुपालन आसान हो सके। आपको बता दें कि यह अधिनियम एक अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष से प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य नए कानून के तहत अनुपालन को आसान बनाने के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म को सरल रखना है। नया कानून छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 का स्थान लेगा।

12 अगस्त को पारित हुआ था अधिनियम

आयकर अधिनियम, 2025 संसद द्वारा 12 अगस्त को पारित किया गया था। आयकर अधिनियम के तहत लागू सभी विभिन्न फॉर्म, जैसे टीडीएस त्रैमासिक रिटर्न फॉर्म और आईटीआर फॉर्म पर पुनः काम किया जा रहा है। डायरेक्टोरेट ऑफ सिस्टम्स, कर नीति प्रभाग के साथ मिलकर फॉर्म को करदाता-अनुकूल बनाने के लिए काम कर रहा है। अधिकारी ने बताया कि विधि विभाग द्वारा जांच के बाद नियमों को अधिसूचित किया जाएगा और संसद के समक्ष रखा जाएगा। आयकर अधिनियम 2025 अगले वित्त वर्ष 2026-27 (एक अप्रैल 2026) से लागू होगा। नया अधिनियम कर कानूनों को सरल बनाएगा और कानून में शब्दों की अधिकता को कम करेगा जिससे इसे समझना आसान हो जाएगा।

कोई नई कर दर लागू नहीं

नया कानून कोई नई कर दर लागू नहीं करता है और केवल भाषा को सरल बनाता है, जो जटिल आयकर कानूनों को समझने के लिए आवश्यक है। नया कानून अनावश्यक प्रावधानों एवं पुरानी भाषा को हटाता है और 1961 के आयकर अधिनियम में धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 और अध्यायों की संख्या 47 से घटाकर 23 कर देता है। नए कानून में शब्दों की संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख कर दी गई है, तथा स्पष्टता बढ़ाने के लिए 1961 के कानून के सघन पाठ के स्थान पर 39 नई सारणियां और 40 नए सूत्र शामिल किए गए हैं।

Deepak Kumar

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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