टाटा की इस कंपनी के नए CEO के कार्यकाल की शुरुआत दो बड़े संकटों के साथ
जगुआर लैंड रोवर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पी.बी. बालाजी के कार्यकाल की शुरुआत ही दो बड़े संकटों के साथ हुई है। पहला संकट चीफ क्रिएटिव ऑफिसर गैरी मैकगवर्न के अचानक कंपनी छोड़ने से है, और दूसरा सितंबर-अक्टूबर में हुए साइबर हमले के कारण उत्पादन रुकने से हुए व्यापारिक नुकसान से जुड़ा है।
टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली कंपनी जगुआर लैंड रोवर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पी.बी. बालाजी के कार्यकाल की शुरुआत ही दो बड़े संकटों के साथ हुई है। पहला संकट चीफ क्रिएटिव ऑफिसर गैरी मैकगवर्न के अचानक कंपनी छोड़ने से है, और दूसरा सितंबर-अक्टूबर में हुए साइबर हमले के कारण उत्पादन रुकने से हुए व्यापारिक नुकसान से जुड़ा है।
मुख्य डिजाइनर का रहस्यमय तरीके से निकलना
ऑटोकार इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गैरी मैकगवर्न को उनकी भूमिका से हटा दिया गया और ब्रिटेन के कोवेंट्री स्थित कंपनी के कार्यालय से बाहर तक पहुंचाया गया। यह घटना तब हुई है, जब बालाजी ने महज दो हफ्ते पहले, 17 नवंबर को कंपनी की कमान संभाली थी। मैकगवर्न की जगह अभी तक किसी को नहीं नियुक्त किया गया है।
चीफ क्रिएटिव अफसर किसी ऑटोमोटिव ब्रांड की ब्रांड इमेज और डिजाइन के लिए जिम्मेदार होते हैं। मैकगवर्न को स्वर्गीय उद्योगपति रतन टाटा के करीबी माना जाता था। मैकगवर्न का जाना ब्रिटिश ब्रांड से जुलाई में CEO एड्रियन मार्डेल के जाने की घोषणा के बाद दूसरा बड़ा पद छोड़ना है।
साइबर हमले से भारी आर्थिक चोट
इसी दौरान, कंपनी पर सितंबर में एक साइबर हमला हुआ, जिसके चलते सितंबर और अक्टूबर में कुछ दिनों के लिए उत्पादन रोकना पड़ा। जुलाई से सितंबर की तिमाही में, टाटा मोटर्स को JLR में साइबर घटनाओं और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम से जुड़े खर्चों के कारण लगभग 2,600 करोड़ रुपये का एकमुश्त असाधारण नुकसान दर्ज करना पड़ा। एक स्वतंत्र एजेंसी के अनुसार, सितंबर तिमाही में JLR को कुल 540 मिलियन पाउंड का व्यापारिक नुकसान उठाना पड़ा होगा।
नए CEO के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी
टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के विश्वसनीय सहयोगी पी.बी. बालाजी के सामने अब कंपनी को स्थिर करने की बड़ी चुनौती है। JLR नवगठित टाटा मोटर्स पीवी व्यवसाय का लगभग 80% हिस्सा है।
बर्मिंघम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डेविड बेली का मानना है कि मैकगवर्न का निकलना कोई सामान्य प्रबंधन परिवर्तन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक रीसेट की ओर इशारा करता है। नई लीडरशिप शायद अधिक स्पष्टता, सतर्कता और नियंत्रण चाहती है।
जगुआर के रीब्रांडिंग से जुड़े थे मैकगवर्न
मैकगवर्न जगुआर ब्रांड के विवादास्पद रीब्रांडिंग और उसके टाइप 00 कांसेप्ट के पीछे की प्रमुख शख्सियत थे, जिसे कई ग्राहकों ने पसंद नहीं किया था। JLR ने जगुआर की लगभग सभी मौजूदा मॉडलों को बंद कर दिया है और इसे पूरी तरह से इलेक्ट्रिक ब्रांड के रूप में अगले साल फिर से लॉन्च करने की तैयारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी अगस्त में जगुआर के नए विज्ञापन और रीब्रांडिंग की आलोचना करते हुए इसे 'वोक' बताया था।
अमेरिकी टैरिफ और घटी मार्जिन उम्मीद
बालाजी ने JLR की कमान ऐसे समय में संभाली है जब कंपनी अमेरिका द्वारा विदेशी कारों पर लगाए गए टैरिफ और साइबर हमले जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। इस साइबर हमले के कारण लग्जरी कार निर्माता ने दूसरी तिमाही में 20,000 कारें कम रोल आउट कीं।
विश्लेषकों के मुताबिक, JLR ने हाल के इतिहास के सबसे चुनौतीपूर्ण तिमाहियों में से एक का सामना किया और इसकी ईबीआईटीडीए मार्जिन गिरकर -1.6% पर आ गई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी परिचालन लाभ मार्जिन की अपेक्षा भी घटाकर 0-2% कर दी है, जो पहले 5-7% थी।





