मैगी में कीड़ा मिलने की शिकायत से मचा हड़कंप! FSSAI ने Nestle India को भेजा नोटिस, धड़ाम से गिरा शेयर

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मुख्य बातें

  • मैगी के एक पैकेट में कथित तौर पर कीड़े/लार्वा मिलने की शिकायत के बाद FSSAI ने नेस्ले इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है
  • नियामक ने संबंधित बैच की गुणवत्ता जांच, सप्लायर विवरण और सुधारात्मक कदमों की जानकारी तलब की है
  • इस खबर के बाद Nestle India के शेयर 3% से अधिक टूट गए
मैगी में कीड़ा मिलने की शिकायत से मचा हड़कंप! FSSAI ने Nestle India को भेजा नोटिस, धड़ाम से गिरा शेयर

मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया (Nestle India) एक बार फिर चर्चा में आ गई है। शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में 3% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली, जब यह खबर सामने आई कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मैगी के एक पैकेट में कथित तौर पर कीड़े या लार्वा मिलने की शिकायत पर कंपनी को नोटिस जारी किया है। इस खबर के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई और नेस्ले इंडिया का शेयर इंट्राडे कारोबार के दौरान करीब 3.2% टूटकर 1,376 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। दिन के अंत में शेयर 3.29% की गिरावट के साथ 1,375.70 रुपये पर बंद हुआ। आइए पूरा मामला समझते हैं।

शिकायतों पर FSSAI का संज्ञान

मनीकंट्रोल ने ANI का हवाला देते हुए बताया कि FSSAI ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कई शिकायतों का संज्ञान लिया है और संबंधित कंपनियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इनमें नेस्ले इंडिया के अलावा KFC, फ्लिपकार्ट इंडिया और Open Secret जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। नेस्ले इंडिया के मामले में शिकायत यह थी कि एक उपभोक्ता को मैगी के पैकेट में कथित रूप से कीड़े या लार्वा दिखाई दिए। इसके बाद खाद्य नियामक ने कंपनी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं।

FSSAI ने नेस्ले इंडिया से की पूछताछ

FSSAI ने नेस्ले इंडिया से पूछा है कि संबंधित उत्पाद का स्रोत और सप्लायर कौन था, उस बैच के गुणवत्ता परीक्षण (Quality Check) के रिकॉर्ड क्या हैं और इस तरह की घटना सामने आने के बाद कंपनी ने क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इसके अलावा नियामक ने यह भी जानना चाहा है कि सप्लाई चेन से ऐसे उत्पादों को हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा रहे हैं।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मैगी भारत के सबसे लोकप्रिय फूड ब्रांड्स में से एक है। करोड़ों लोग रोजाना इसका इस्तेमाल करते हैं और नेस्ले इंडिया के लिए यह सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण उत्पाद है। ऐसे में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायत सीधे कंपनी की इमेज और उपभोक्ताओं के भरोसे को प्रभावित कर सकती है।

जांच की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायत पूरी तरह सही है या नहीं। FSSAI ने केवल शिकायतों के आधार पर नोटिस जारी कर जानकारी मांगी है। जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। कंपनी की ओर से भी इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

अन्य कंपनियों को भी FSSAI का नोटिस

इसी दौरान FSSAI ने अन्य कंपनियों को भी नोटिस भेजे हैं। फ्लिपकार्ट और Open Secret से कथित तौर पर कीड़ों वाले उत्पाद की शिकायत पर जवाब मांगा गया है, जबकि KFC से उसके एक आउटलेट में साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इससे साफ है कि खाद्य सुरक्षा नियामक सोशल मीडिया पर सामने आने वाली शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है।

नेस्ले इंडिया ने मामले पर क्या कहा?

नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि हम मैगी (MAGGI) नूडल्स में कीड़े/लार्वा होने की बात कहने वाले एक असत्यापित (unverified) सोशल मीडिया अकाउंट के आधार पर मीडिया में चल रहे आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। हमें शिकायतकर्ता से अभी तक शिकायत से जुड़ा हुआ सैंपल (उत्पाद का नमूना) नहीं मिला है, क्योंकि उस अकाउंट से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में एक विस्तृत विवरण, जिसमें बैच और बाजार से लिए गए सैंपल्स के गुणवत्ता रिकॉर्ड, टेस्ट रिपोर्ट और सभी जरूरी तथ्य शामिल हैं, पहले ही संबंधित अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं।

नेस्ले इंडिया अपने सभी मैन्युफैक्चरिंग में गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा के बेहद कड़े मानकों का पालन करती है। हम अधिकारियों के साथ पूरी तरह से पारदर्शी हैं और हमें पूरा भरोसा है कि तथ्य और सबूत इस मामले की सच्चाई को पूरी तरह स्पष्ट कर देंगे। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि एक व्यापक जांच के लिए हमने बैच और बाजार से लिए गए सैंपल्स का FSSAI द्वारा मान्यता प्राप्त लैब में गुणवत्ता विश्लेषण (Quality Analysis) करवाया है और इस रिपोर्ट ने हमारे गुणवत्ता मानकों की पुष्टि की है, जिसमें किसी भी प्रकार के कीड़े या लार्वा न होने की बात साबित हुई है।

फिलहाल, निवेशकों और उपभोक्ताओं की नजर FSSAI की जांच और नेस्ले इंडिया के जवाब पर टिकी हुई है। अगर कंपनी संतोषजनक स्पष्टीकरण देती है, तो चिंता कम हो सकती है, लेकिन अगर जांच में कोई बड़ी गड़बड़ी सामने आती है, तो इसका असर कंपनी की साख और शेयर प्रदर्शन दोनों पर पड़ सकता है।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

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