Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़NCLT Rejects Byju resolution professional plea to stay aakash rights issue check detail
आकाश एजुकेशनल के राइट्स इश्यू पर नहीं लगेगी रोक, बायजू को NCLT से झटका

आकाश एजुकेशनल के राइट्स इश्यू पर नहीं लगेगी रोक, बायजू को NCLT से झटका

संक्षेप:

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने बायजू को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। बायजू ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड को राइट्स इश्यू की मंजूरी के लिए अपनी असाधारण आम बैठक बुलाने से रोकने की मांग की थी।

Fri, 24 Oct 2025 10:51 PMDeepak Kumar भाषा
share Share
Follow Us on

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने दिवालिया घोषित होने की कगार पर खड़ी एडुटेक कंपनी बायजू को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। आपको बता दें कि बायजू ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) को राइट्स इश्यू की मंजूरी के लिए अपनी असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बुलाने से रोकने की मांग की थी।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

किस आधार पर याचिका खारिज?

न्यायाधिकरण ने 29 अक्टूबर, 2025 को होने वाली ईजीएम पर रोक लगाने की बायजू की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि इस याचिका को स्वीकार करने से कंपनी के स्वतंत्र अधिकारों को कमजोर करने वाली एक असंगत स्थिति सामने आएगी। एनसीएलटी ने कहा- एक शेयरधारक के रूप में याचिकाकर्ता (बायजू) प्रतिवादी संख्या एक (एईएसएल) की स्थिति जानने के लिए वैध रूप से वित्तीय दस्तावेज मांग सकता है, लेकिन प्रस्तावित राइट्स इश्यू से धन पाने को अनुचित नहीं कहा जा सकता है।

बेंगलुरु पीठ के समक्ष याचिका दायर

न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि 'बायजू' ब्रांड नाम से कारोबार करने वाली कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड ने इसी मुद्दे पर NCLT की बेंगलुरु पीठ के समक्ष अपने समाधान पेशेवर के माध्यम से याचिका दायर की हुई है। बायजू ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के प्रस्तावित ईजीएम को स्थगित रखने का अनुरोध किया था, क्योंकि राइट्स इश्यू के कारण आकाश में उसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत से भी कम रह जाएगी। न्यायाधिकरण की दो-सदस्यीय पीठ ने कहा कि इसी तरह के एक अन्य मुद्दे पर एक याचिका उसके समक्ष लंबित है, और पक्षों की सहमति से तय तिथियों पर विस्तृत बहस जारी है।

राइट्स इश्यू क्या है?

यह एक कंपनी द्वारा अपने मौजूदा शेयरधारकों को अतिरिक्त शेयर खरीदने का अधिकार देने की प्रक्रिया है। यह कंपनी के लिए नया पूंजी जुटाने का एक तरीका है, जिसमें नए शेयर पुराने शेयरधारकों को ही प्राथमिकता के साथ ऑफर किए जाते हैं। इस प्रक्रिया के जरिए कंपनी फंड जुटाती है।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar
दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।