रणबीर कपूर को जिस शेयर ने किया मालामाल, अब दिवालिया होगी वो कंपनी? NCLT लेगा फैसला
मुंबई स्थित NCLT ने प्राइम फोकस (Prime Focus) के खिलाफ दिवालियापन याचिका स्वीकार कर ली है। कंपनी पर करीब ₹353.79 करोड़ के वित्तीय कर्ज का आरोप है। इस कंपनी में एक्टर रणवीर कपूर का करोड़ों का निवेश था।

फिल्मों और VFX इंडस्ट्री की चर्चित कंपनी प्राइम फोकस (Prime Focus) एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है, लेकिन इस बार वजह उसकी तेजी से भागती शेयर कीमत नहीं बल्कि दिवालियापन (Insolvency) से जुड़ा मामला है। मुंबई स्थित NCLT (National Company Law Tribunal) ने कंपनी के खिलाफ दिवालियापन याचिका स्वीकार कर ली है। यह याचिका रिलायंस अल्फा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (Reliance Alpha Services Private Limited) की ओर से दायर की गई थी, जिसमें प्राइम फोकस (Prime Focus) पर करीब ₹353.79 करोड़ के वित्तीय कर्ज का आरोप लगाया गया है। इस कंपनी में एक्टर रणवीर कपूर का करोड़ों का निवेश था। यह मामला 2019 में हुए एक लोन एग्रीमेंट से जुड़ा बताया जा रहा है। इस खबर के बाद निवेशकों की नजरें अब कंपनी के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
हालांकि, प्राइम फोकस (Prime Focus) ने इस फैसले का तुरंत विरोध करते हुए NCLAT (National Company Law Appellate Tribunal) में अपील दाखिल कर दी है। कंपनी का कहना है कि संबंधित लोन एग्रीमेंट के तहत उसे कभी कोई रकम दी ही नहीं गई थी, इसलिए याचिकाकर्ता को फाइनेंशियल क्रेडिटर नहीं माना जा सकता। कंपनी ने कहा कि वह NCLT के आदेश पर रोक लगाने के लिए जरूरी कानूनी कदम उठा रही है और जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, कंपनी को NCLT का लिखित आदेश मिलने का इंतजार है।
शेयर बाजार में कंपनी का हाल?
दिलचस्प बात यह है कि इस कानूनी संकट के बावजूद प्राइम फोकस (Prime Focus) के शेयरों में पिछले एक साल के दौरान जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। कंपनी का शेयर करीब 215% तक उछल चुका है। आज 7 मई 2026 को भी कंपनी का शेयर BSE पर लगभग 3% बढ़कर ₹308.5 पर बंद हुआ।
चर्चा में रामायण फिल्म प्रोजेक्ट
हाल के महीनों में प्राइम फोकस (Prime Focus) कंपनी खासतौर पर रामायण (Ramayana) फिल्म प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में रही है। कंपनी के मालिक नमित मल्होत्रा (Namit Malhotra) इस मेगा फिल्म प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, जिससे निवेशकों का उत्साह काफी बढ़ा था। यही वजह है कि कानूनी विवाद के बावजूद स्टॉक में अब तक मजबूत तेजी बनी हुई है।
कंपनी का बयान
कंपनी ने अपने बयान में साफ किया है कि उसकी ग्लोबल VFX और पोस्ट-प्रोडक्शन सेवाएं पूरी तरह सामान्य तरीके से काम कर रही हैं। ग्राहकों, कर्मचारियों और बिजनेस पार्टनर्स पर इस विवाद का कोई असर नहीं पड़ा है। प्राइम फोकस (Prime Focus) का दावा है कि उसकी ऑपरेशनल और वित्तीय स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि दिवालियापन याचिका स्वीकार होना निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। आने वाले दिनों में NCLAT का फैसला और कंपनी की कानूनी रणनीति यह तय करेगी कि प्राइम फोकस (Prime Focus) के शेयरों में तेजी जारी रहेगी या निवेशकों को झटका लग सकता है।
रणबीर कपूर का 15 करोड़ का निवेश
आपको बता दें कि इस कंपनी में बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर का करोड़ों पैसा लगा है। फिल्म रामायण के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) बनाने वाली कंपनी प्राइम फोकस (Prime Focus) के शेयरों में पिछले एक साल में 214% की तूफानी तेजी आई है। NDTV प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें रणबीर कपूर का 15 करोड़ रुपये का निवेश था, जो शेयर में तेजी के कारण करीब 45 करोड़ रुपये में बदल चुका है।
रणबीर कपूर का निवेश और बंपर रिटर्न
जुलाई 2025 में रणबीर कपूर ने प्राइम फोकस कंपनी के लगभग 12.5 लाख शेयर ₹120 के भाव पर खरीदे थे। अब तक कंपनी का शेयर ₹367 के रिकॉर्ड स्तर (52-वीक हाई) को छू चुका है। इसका मतलब है कि उनकी निवेश की गई रकम महज एक साल में 3 गुना हो चुकी है।
प्राइम फोकस का बिजनेस?
आमतौर पर फिल्मों का मुनाफा बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर निर्भर करता है, लेकिन प्राइम फोकस का मॉडल थोड़ा अलग और सुरक्षित है।
VFX और एनिमेशन से कमाई - कंपनी फिल्म के हिट या फ्लॉप होने से पहले ही अपने VFX और एनिमेशन काम के लिए मोटा पैसा वसूलती है। यह कमाई फिल्म की रिलीज से पहले ही कंपनी के खाते में आनी शुरू हो जाती है।
बड़ा OTT सौदा - खबरों के मुताबिक, फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने ₹700 करोड़ के OTT ऑफर को ठुकरा दिया है और अब उनकी नजर ₹1,000 करोड़ की मेगा डील पर है। अगर यह डील होती है, तो यह कंपनी की सालाना कमाई का लगभग 28% हिस्सा होगा।
क्या हैं चुनौतियां और जोखिम?
शेयर में इतनी तेजी के बावजूद निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1- भारी कर्ज - प्राइम फोकस पर फिलहाल करीब ₹10,000 करोड़ का भारी कर्ज है, जिसके ब्याज के रूप में ही कंपनी को हर साल ₹500 करोड़ चुकाने पड़ते हैं।
2- वित्तीय स्थिति - पिछले साल कंपनी को ₹458 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था। हालांकि, इसके कामकाजी मुनाफे (EBITDA) में सुधार देखा गया है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


