
गजब का म्यूचुअल फंड: ₹10000 का SIP बन गया ₹17.49 करोड़
Mutual Fund: म्यूचुअल फंड में लंबे समय तक नियमित निवेश कितना बड़ा फर्क ला सकता है, इसका शानदार उदाहरण फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड (Franklin India Flexi Cap Fund) ने पेश किया है।
Mutual Fund: म्यूचुअल फंड में लंबे समय तक नियमित निवेश कितना बड़ा फर्क ला सकता है, इसका शानदार उदाहरण फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड (Franklin India Flexi Cap Fund) ने पेश किया है। फंड हाउस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगर किसी निवेशक ने इस स्कीम में सितंबर 1994 से हर महीने ₹10,000 का SIP शुरू किया होता, तो नवंबर 2025 के अंत तक उसका निवेश करीब ₹17.49 करोड़ का हो चुका होता। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे समय में निवेश की गई कुल रकम सिर्फ करीब ₹37.3 लाख होती। यह आंकड़ा लॉन्ग टर्म निवेश और कंपाउंडिंग की ताकत को साफ तौर पर दिखाता है।
क्या है डिटेल
यह SIP उपलब्धि ऐसे समय आई है, जब यह इक्विटी स्कीम 31 साल पूरे कर चुकी है और इसका AUM करीब ₹20,000 करोड़ के आसपास पहुंच रहा है। फंड हाउस ने यह भी बताया कि अगर किसी निवेशक ने शुरुआत में ही ₹10,000 की एकमुश्त (लंपसम) रकम लगाई होती, तो वह भी नवंबर 2025 तक करीब ₹17 लाख बन चुकी होती। इसके मुकाबले इसी अवधि में इसके बेंचमार्क निफ्टी 500 TRI में वही निवेश लगभग ₹3 लाख के आसपास ही रहता। आंकड़ों के अनुसार, यह फंड 2, 3, 5, 15 साल और शुरुआत से अब तक कई समयावधियों में अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करता रहा है।
बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा दांव
पोर्टफोलियो की बात करें तो फ्रेंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड का सबसे ज्यादा दांव बैंकिंग सेक्टर में है, जहां इसकी करीब 25% हिस्सेदारी है। इसके अलावा आईटी सॉफ्टवेयर, टेलीकॉम सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और रिटेल जैसे सेक्टरों में भी निवेश किया गया है। यह एक फ्लेक्सी कैप फंड है, यानी इसमें लार्ज, मिड और स्मॉल कैप—तीनों तरह के शेयरों में निवेश की आजादी रहती है। फंड GARP (Growth at Reasonable Price) रणनीति पर काम करता है और इसे जनकीरामन रंगराजू, राजसा काकुलावरापु और संदीप मनम जैसे अनुभवी फंड मैनेजर संभाल रहे हैं, जिन्होंने कई बाजार चक्रों में इस फंड को संभाला है।
मार्केट एक्सपर्ट्स ने क्या कहा
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के लंबे समय के SIP उदाहरण निवेशकों को डिसिप्लिन और धैर्य की अहमियत समझाते हैं, खासकर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में। हालांकि, वे यह भी चेतावनी देते हैं कि म्यूचुअल फंड निवेश मार्केट रिस्क के अधीन होते हैं और इसमें नुकसान की संभावना भी रहती है। पिछले रिटर्न्स भविष्य में दोहराए जाएंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। SIP से जुड़े ये आंकड़े इतिहास पर आधारित हैं, इसलिए निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को जरूर समझना चाहिए।





