म्यूचुअल फंड निवेशकों को मिल सकती है बड़ी राहत, किन लोगों को होगा ज्यादा फायदा

Feb 09, 2026 06:13 am ISTDrigraj Madheshia हिन्दुस्तान टीम
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Mutual Fund: सेबी का कहना है कि इस बदलाव से म्यूचुअल फंड में निवेश करना और भी आसान होगा। साथ ही निवेशकों का अपने पैसों पर नियंत्रण बढ़ेगा और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसी जटिलताओं पर निर्भरता कम होगी। सेबी ने इस प्रस्ताव पर 26 फरवरी तक सुझाव मांगे हैं।

म्यूचुअल फंड निवेशकों को मिल सकती है बड़ी राहत, किन लोगों को होगा ज्यादा फायदा

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। सेबी ने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिससे डीमैट खाते में म्यूचुअल फंड यूनिट रखने वाले निवेशकों की परेशानी कम हो जाएगी। अब तक जो निवेशक म्यूचुअल फंड डीमैट खाते में रखते हैं, उन्हें हर बार सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान या सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान के लिए अलग-अलग निर्देश देने पड़ते थे। यह काम समय लेने वाला और झंझट भरा होता था। सेबी के नए प्रस्ताव से यह दिक्कत खत्म हो सकती है।

नए प्रस्ताव के अनुसार, अब डीमैट में रखे म्यूचुअल फंड यूनिट्स पर भी स्थाई निर्देश की सुविधा दी जाएगी यानी निवेशक एक बार निर्देश देंगे और फिर तय तारीख पर अपने आप पैसा निकलेगा या दूसरे फंड में ट्रांसफर हो जाएगा। यह सुविधा अभी तक सिर्फ स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट मोड में निवेश करने वालों को ही मिलती थी।

किन लोगों को होगा ज्यादा फायदा

इस बदलाव से खासतौर पर रिटायर हो चुके लोगों, नियमित आमदनी के लिए सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान पर निर्भर निवेशकों और लंबे समय के निवेशकों को फायदा होगा। अब उन्हें हर महीने या तय समय पर पैसे निकालने के लिए बार-बार फॉर्म भरने या अनुरोध करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

दो चरणों में लागू होगा सिस्टम

सेबी इस व्यवस्था को दो हिस्सों में लागू करेगा। पहले चरण में निवेशक डिपॉजिटरी या स्टॉक एक्सचेंज के जरिए यूनिट और तारीख के हिसाब से सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान सेट कर सकेंगे। इस तरह के लेन-देन को स्टॉक एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर पूरा किया जाएगा। दूसरे चरण में और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। इसमें रकम के हिसाब से निकासी, मुनाफे के आधार पर ट्रांसफर और स्विंग एसटीपी जैसे विकल्प शामिल होंगे। इस चरण में काम पंजीकृत ट्रांसफर एजेंट के जरिए होगा।

निवेश करना होगा और आसान

सेबी का कहना है कि इस बदलाव से म्यूचुअल फंड में निवेश करना और भी आसान होगा। साथ ही निवेशकों का अपने पैसों पर नियंत्रण बढ़ेगा और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसी जटिलताओं पर निर्भरता कम होगी। सेबी ने इस प्रस्ताव पर 26 फरवरी तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद अंतिम फैसला लेकर इसे लागू करने की तारीख घोषित की जाएगी।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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