ब्रिटेन से ब्राजील तक…गोल्ड रिजर्व के मामले में भारत की 3 कंपनियों से पीछे
मुख्य बातें
- भारत की कुछ गोल्ड लोन देने वाली NBFCs के पास मौजूद सोने का भंडार दुनिया के कई बड़े केंद्रीय बैंकों के रिजर्व से भी अधिक हो गया है
- आंकड़ों के अनुसार, केरल की मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस के अलावा आईआईएफएल फाइनेंस के पास कुल मिलाकर 334 टन सोना जमा है

Gold loan news: ग्लोबल टेंशन के बीच भारत समेत दुनियाभर कें केंद्रीय बैंक गोल्ड की खरीदारी कर रहे हैं। इसके जरिए गोल्ड रिजर्व को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, भारत की कुछ गोल्ड लोन देने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के पास मौजूद सोने का भंडार दुनिया के कई बड़े केंद्रीय बैंकों के रिजर्व से भी अधिक हो गया है।
कितना है गोल्ड रिजर्व?
वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, केरल की मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस के अलावा मुंबई की कंपनी आईआईएफएल फाइनेंस के पास कुल मिलाकर 334 टन सोना जमा है। मुथूट फाइनेंस के पास कुल 209 टन सोना है। यह देश की सबसे बड़ी गोल्ड लोन NBFC बनी हुई है। वहीं, आईआईएफएल फाइनेंस के गोल्ड रिजर्व में एक वर्ष के भीतर 19 टन की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद उसका कुल रिजर्व 60 टन तक पहुंच गया। दूसरी ओर, मणप्पुरम फाइनेंस ने भी अपने भंडार में 7 टन की वृद्धि की और उसका कुल गोल्ड रिजर्व 63 टन हो गया।
क्या कहते हैं आंकड़े
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक तीनों कंपनियों का संयुक्त गोल्ड रिजर्व ब्रिटेन, सिंगापुर और ब्राजील जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों के भंडार से भी ज्यादा है। ब्रिटेन के बैंक ऑफ इंग्लैंड का 310 टन रिजर्व है तो सिंगापुर के केंद्रीय बैंक के पास 194 टन और ब्राजील के केंद्रीय बैंक के पास 172 टन सोना है। इन तीनों कंपनियों के संयुक्त गोल्ड रिजर्व की तुलना भारत के वार्षिक स्वर्ण आयात से भी की जा रही है। इनका कुल 334 टन सोना भारत के कुल वार्षिक गोल्ड आयात का लगभग 46 प्रतिशत है। वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 721 टन सोने का आयात किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 5 प्रतिशत कम रहा।
भारत के रिजर्व बैंक के पास कितना भंडार
रिजर्व बैंक के मई 2026 के बुलेटिन में बताया गया है कि उसके पास 24 अप्रैल को 880.52 टन सोना था, जो एक महीने पहले जारी रिपोर्ट के 880.34 टन से 180 किलोग्राम अधिक है। यह बढ़ोतरी तीन अप्रैल को समाप्त सप्ताह में दर्ज की गई थी। मौजूदा समय में दुनिया भर में जारी व्यापार और भू-राजनैतिक अनिश्चितताओं के बीच रिजर्व बैंक एक साल में 940 किलोग्राम सोना खरीद चुका है। पिछले साल दो मई को केंद्रीय बैंक के पास 879.58 टन सोना था।
बता दें कि कई देशों के केंद्रीय बैंक पिछले कुछ समय से सोने की खरीद कर रहे हैं। इससे सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु की कीमतों में उछाल आया है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल अप्रैल की शुरुआत में सोने के दाम में तेजी रही। बाद में हालांकि डॉलर में निवेशकों की रुचि बढ़ने से सोने में थोड़ी नरमी देखी गयी थी।
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