रिलायंस के मुनाफे में मामूली उछाल, रिटेल कारोबार पर दिखा GST का असर
जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाए जाने के कारण मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिटेल कारोबार में धीमी वृद्धि देखने को मिली। बता दें कि पिछले साल सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते में जीएसटी की नई दरें लागू हुई थीं।
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। दिसंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा मामूली बढ़कर 18,645 करोड़ रुपये रहा। एक वर्ष पहले इसी अवधि में मुनाफा 18,540 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार, जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाए जाने के कारण रिटेल कारोबार में धीमी वृद्धि देखने को मिली। बता दें कि पिछले साल सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते में जीएसटी की नई दरें लागू हुई थीं। हालांकि इसके एनर्जी और डिजिटल इकाइयों का प्रदर्शन अच्छा रहा।
जियो ओर रिटेल कारोबार का हाल
दिसंबर तिमाही के दौरान सहयोगी कंपनियों में जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का राजस्व 12.7 प्रतिशत और रिलायंस रिटेल वेंचर्स का 8.1 प्रतिशत बढ़ा। जियो का तिमाही राजस्व 43,683 करोड़ रुपये रहा। इस कारोबार का नेट प्रॉफिट 11.3 फीसदी बढ़कर 7,629 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके ग्राहकों की संख्या एक साल पहले के मुकाबले 6.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 51.52 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, रिलायंस रिटेल वेंचर्स का राजस्व 97,605 करोड़ रुपये रहा। इस सेग्मेंट में नेट प्रॉफिट 2.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,558 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। तेल एवं रसायन कारोबार में कंपनी का राजस्व 8.4 फीसदी बढ़ा और 1,62,095 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि, निर्यात 1.2 प्रतिशत घटकर 66,830 करोड़ रुपये रह गया।
किस कंपनी का क्या रहा एबिटा?
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का 9 महीने का एबिटा ₹1,59,323 करोड़ रहा जो सालाना आधार पर 18.3 प्रतिशत अधिक है। तीसरी तिमाही में एबिटा ₹50,932 करोड़ रहा, जो 6.1 प्रतिशत सालाना बढ़त को दिखाता है। जियो प्लेटफॉर्म्स का एबिटा 16.4 प्रतिशत बढ़कर ₹19,303 करोड़ पर पहुंच गया वहीं, 5G सब्सक्राइबर 25 करोड़ के पार पहुंच गए। रिलायंस रिटेल का एबिटा 1.3 प्रतिशत बढ़कर ₹6915 करोड़ रहा और हाइपर-लोकल डिलीवरी के औसत डेली ऑर्डर में 4.6 गुना सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने वित्तीय परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जियो डिजिटल इको सिस्टम भारतीय समाज में अपनी जड़े मजबूत कर रहा है। इस कैटेगरी में परिचालन लाभ 164 प्रतिशत बढ़ा है जो मजबूत प्रदर्शन दर्शाता है।





