मुकेश अंबानी की कंपनी में खरीदे गए ₹9000 करोड़ के शेयर, रिटेल निवेशक भी गदगद

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मुख्य बातें

  • RIL के प्रमोटर ग्रुप ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान बाजार से लगभग ₹8,500 करोड़ से ₹9000 करोड़ के शेयर खरीदकर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 0.48% बढ़ाई है
  • इस खबर के बीच रिलायंस के शेयर में 3 पर्सेंट तक का उछाल आया और भाव 1,324.50 रुपये तक जा पहुंचा
मुकेश अंबानी की कंपनी में खरीदे गए ₹9000 करोड़ के शेयर, रिटेल निवेशक भी गदगद

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के प्रमोटर ग्रुप ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। प्रमोटर ग्रुप ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान बाजार से लगभग ₹8,500 करोड़ से ₹9000 करोड़ के शेयर खरीदकर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 0.48% बढ़ाई है। इस खबर के बीच रिटेल निवेशकों में उत्साह दिखा और रिलायंस के शेयर में 3 पर्सेंट तक का उछाल आया। इस वजह से भाव 1,324.50 रुपये तक जा पहुंचा। बता दें कि कंपनी तिमाही नतीजे भी जारी करेगी।

50.48 प्रतिशत हिस्सेदारी

शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, रिलायंस के प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी अप्रैल-जून तिमाही के अंत में बढ़कर 50.48 प्रतिशत हो गई, जो तीन महीने पहले (जनवरी-मार्च) करीब 50 प्रतिशत थी। कंपनी में शेयरों की ताजा खरीदारी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के 'क्रीपिंग एक्विजिशन' नियमों के तहत अनुमत सीमा के भीतर की गई। इन नियमों के तहत प्रमोटर निर्धारित सीमा के अधीन अनिवार्य खुली पेशकश लाए बिना धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं।

अंबानी परिवार की हिस्सेदारी

कंपनी की ताजा शेयरहोल्डिंग की बात करें तो रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी और उनके तीन बच्चों ईशा, आकाश और अनंत के पास कंपनी के 1.61-1.61 करोड़ शेयर हैं। यह प्रत्येक के लिए 0.12 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। उनकी मां के. डी. अंबानी के पास 3.14 करोड़ शेयर यानी 0.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष शेयर प्रमोटर समूह की अलग-अलग इकाइयों के पास हैं। इनमें श्रीचक्र कमर्शियल्स एलएलपी की हिस्सेदारी सबसे अधिक 10.93 प्रतिशत है। देवर्षि कमर्शियल्स एलएलपी, करुणा कमर्शियल एलएलपी और तत्त्वम एंटरप्राइजेज एलएलपी की हिस्सेदारी 8.06-8.06 प्रतिशत है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

आमतौर पर प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बढ़ने को कंपनी की संभावनाओं के प्रति प्रबंधन के भरोसे का संकेत माना जाता है। इससे प्रमोटर्स का नियंत्रण मजबूत होता है और सार्वजनिक हिस्सेदारी में मामूली कमी आती है। विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के डील अक्सर इस धारणा को दर्शाते हैं कि शेयर में लंबी अवधि के लिए आकर्षक मूल्य है, न कि किसी निकट भविष्य की कॉरपोरेट कार्रवाई का संकेत।

इस बढ़ोतरी का कंपनी के परिचालन पर तत्काल कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है लेकिन निवेशक इसे सकारात्मक संकेत मान सकते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम रिलायंस की लॉन्ग टर्म ग्रोथ संभावनाओं को लेकर प्रमोटर के विश्वास को दर्शाता है। अल्पसंख्यक निवेशकों के लिए भी इसे सकारात्मक माना जा रहा है क्योंकि आमतौर पर प्रमोटर्स की ओर से शेयर खरीद को कंपनी के प्रति उनके भरोसे के संकेत के रूप में देखा जाता है।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

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हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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