मुकेश अंबानी नहीं रहे एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति, इस चीनी अरबपति ने पछाड़ा
झांग के पास अब 92.8 अरब डॉलर हैं। वह चीन के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। 2019 में उनके पास सिर्फ 13 अरब डॉलर थे। यानी उनकी दौलत सात गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है।

बाइटडांस कंपनी की कीमत बढ़ने और उसके एआई चैटबॉट की सफलता से झांग यिमिंग मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर एशिया के दूसरे सबसे अमीर बन गए हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, झांग के पास अब 92.8 अरब डॉलर हैं। वह चीन के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। 2019 में उनके पास सिर्फ 13 अरब डॉलर थे। यानी उनकी दौलत सात गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। बता दें 117 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ गौतम अडानी दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में तो 17वें स्थान पर हैं, लेकिन उनके सिर पर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज बरकरार है।
पहले मुकेश अंबानी के सिर पर कई वर्षों तक एशिया के सबसे रईस का ताज था। कुछ महीने पहले ही इनसे यह ताज अडानी ने छीन लिया और अंबानी एशिया के दूसरे नंबर के रईस बन गए। अब यह पोजीशन भी उनकी चली गई।
दुनिया के अमीरों में घटा अंबानी का रुतबा
यही नहीं, दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में अंबानी अब 4 पायदान नीचे 25वें स्थान पर चले गए हैं। इसकी वजह एक ही दिन में झांग की दौलत में 24.1 अरब डॉलर की छलांग, जेफ यास की दौलत में 7.56 अरब डॉलर, डेविड सुन की दौलत में 2.75 अरब डॉलर और झान तू की दौलत में 2.75 अरब डॉलर की उछाल है। ये चारों अब अंबानी से ऊपर पहुंच गए हैं।
झांग को 24 अरब डॉलर का फायदा
ब्लूमबर्ग ने ब्लैकरॉक, फिडेलिटी, टी. रो प्राइस, एचएसजी और जनरल अटलांटिक जैसे निवेशकों के मूल्यांकन देखे। इसके बाद झांग की दौलत में 24 अरब डॉलर से अधिक का उछाल आया।
टिकटॉक और दोउबाओ ने दिया मौका
झांक के ऊपर अचानक हुई डॉलर की बारिश यूं ही नहीं हुई। इसमें टिकटॉक ऐप की लोकप्रियता और एआई चैटबॉट 'दोउबाओ' का बड़ा योगदान है। दोउबाओ हर महीने 30 करोड़ लोग इस्तेमाल करते हैं। यह चीन का सबसे पसंदीदा चैटबॉट है। बाइटडांस ने इसी साल अपने अमेरिका के कुछ कामकाज वहां के निवेशकों को बेच भी दिए थे।
चीन की सबसे बड़ी निजी कंपनी
बाइटडांस चीन की सबसे चर्चित निजी कंपनी है। दोउबाओ इतना सफल हुआ कि कंपनी अब उसके लिए पैसे लेने की तैयारी कर रही है। चीन में लोग ऑनलाइन सेवाओं के लिए पैसे देने को तैयार नहीं होते, इसलिए यह बड़ी बात है। कंपनी को भविष्य में शेयर बाजार में उतरने की भी उम्मीद है।
अमेरिका में टिकटॉक का मामला सुलझा
टिकटॉक के अमेरिकी व्यापार को ओरेकल, सिल्वर लेक और अबू धाबी के एमजीएक्स को दे दिया गया। इससे कई सालों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हुई। आलोचक टिकटॉक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता रहे थे।
एआई पर बड़ा दांव
अब बाइटडांस एआई पर जोर लगा रहा है। ब्लूमबर्ग की खबर के अनुसार, कंपनी इस साल 70 अरब डॉलर तक खर्च करने की बात कर रही है। इससे चीन के एआई बाजार में कंपनी सबसे आगे रहेगी और अमेरिकी कंपनियों को टक्कर देगी। यह पैसा 2025 में कंपनी द्वारा कमाए गए करीब 50 अरब डॉलर के मुनाफे से आएगा।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


