मुकेश अंबानी की इस कंपनी का बढ़ा घाटा, सुस्त पड़ा है शेयर, ₹15 से नीचे भाव

Apr 16, 2026 11:11 pm ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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मार्च 2026 में समाप्त बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आलोक इंडस्ट्रीज का घाटा बढ़कर 192.54 करोड़ रुपये हो गया। इस खबर के बीच कंपनी के शेयर की कीमत बढ़त के साथ 14.78 रुपये पर थी। 

मुकेश अंबानी की इस कंपनी का बढ़ा घाटा, सुस्त पड़ा है शेयर, ₹15 से नीचे भाव

Alok industries share price: मुकेश अंबानी की टेक्सटाइल कंपनी आलोक इंडस्ट्रीज ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही मे कंपनी का घाटा बढ़ गया है। इस खबर के बीच कंपनी के शेयर की कीमत बढ़त के साथ 14.78 रुपये पर थी। आइए डिटेल में जान लेते हैं।

कितना हुआ घाटा?

मार्च 2026 में समाप्त बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आलोक इंडस्ट्रीज का घाटा बढ़कर 192.54 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी को एक साल पहले जनवरी-मार्च अवधि में 74.47 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस अवधि के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 3.14 प्रतिशत बढ़कर 982.97 करोड़ रुपये हो गया।

कुल खर्च 1.42 प्रतिशत घटकर 1,189.20 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय 4.07 प्रतिशत घटकर 995.83 करोड़ रुपये रह गई। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का घाटा इससे पिछले वित्त वर्ष के 816.43 करोड़ रुपये से घटकर 744.11 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय थोड़ी घटकर 3,789 करोड़ रुपये रह गई।

शेयर का परफॉर्मेंस

आलोक इंडस्ट्रीज के शेयर की बात करें तो 14.33 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 14.78 रुपये पर पहुंच गया। अप्रैल 2025 में शेयर 23.50 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। वहीं, 11.12 रुपये शेयर के 52 हफ्ते का लो है।

आलोक इंडस्ट्रीज में रिलायंस की कितनी हिस्सेदारी?

आलोक इंडस्ट्रीज, रिलायंस इंडस्ट्रीज और जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन की साझा स्वामित्व वाली कंपनी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास आलोक इंडस्ट्रीज में 40.01 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के पास 34.99 प्रतिशत हिस्सा है। आपको बता दें कि आलोक इंडस्ट्रीज होम टेक्सटाइल, कॉटन यार्न, परिधान धागे, परिधान और पॉलिएस्टर यार्न का व्यवसाय करती है।

कंपनी के बारे में?

1986 में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर स्थापित आलोक इंडस्ट्रीज ने एक नई शुरुआत की । साल 1989 में कंपनी ने पॉलिएस्टर टेक्सचराइजिंग प्लांट की शुरुआत की। साल 1993 तक यह एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बन गई।

बीते दशकों में कंपनी ने बुनाई, निटिंग, प्रोसेसिंग, होम टेक्सटाइल्स और कपड़ों के क्षेत्र में अपना विस्तार किया और अपने सख्त क्वालिटी मानकों को बनाए रखा। बेहतरीन काम की हमारी चाहत हमें कॉटन स्पिनिंग और पार्शियली ओरिएंटेड यार्न के लिए लगातार पॉलीमराइजेशन के रास्ते तक ले गई। आलोक इंडस्ट्रीज के क्लाइंट की बात करें तो वालमार्ट, पीवीएच, जारा, एचएंडएम, पोर्टिको, लेविस शामिल हैं।

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हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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