इस स्टॉक में 7 दिनों से लगातार रॉकेट जैसी तेजी! 17% उछला शेयर, अभी भी कमाई का बढ़िया मौका?
मुख्य बातें
- MRPL (Mangalore Refinery and Petrochemicals) के शेयर में पिछले 7 कारोबारी सत्रों में 17% की शानदार तेजी देखने को मिली
- जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा मजबूत रहा
- हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 3.4% पर आ गया
- आइए शेयर में आई जोरदार तेजी के पीछे की वजह समझते हैं

सरकारी तेल रिफाइनिंग कंपनी MRPL (Mangalore Refinery and Petrochemicals Ltd.) के शेयरों में इन दिनों जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। कंपनी का शेयर पिछले 7 कारोबारी सत्रों में करीब 17% चढ़ चुका है। गुरुवार को भी शेयर में इंट्राडे कारोबार के दौरान 13% तक की जोरदार तेजी आई, जो पिछले चार महीनों की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त रही। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के EBITDA मार्जिन में गिरावट आने के बावजूद निवेशकों ने शेयर पर जमकर दांव लगाया। इससे बाजार में यह सवाल उठने लगा कि आखिर MRPL के शेयर में इतनी तेजी की वजह क्या है?
राजस्व में शानदार उछाल
कंपनी के जून 2026 तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों पर नजर डालें तो राजस्व (Revenue) में शानदार उछाल देखने को मिला। सालाना आधार पर कंपनी की आय बढ़कर ₹38,254 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹17,357 करोड़ थी, यानी कंपनी का कारोबार एक साल में दोगुने से भी अधिक हो गया। वहीं, तिमाही आधार पर भी राजस्व में लगभग 60% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि कंपनी की रिफाइनिंग गतिविधियां और बिक्री दोनों में अच्छी वृद्धि हुई है।
कंपनी के मुनाफे में सबसे बड़ा बदलाव
सबसे बड़ा बदलाव कंपनी के मुनाफे में देखने को मिला। पिछले साल जून तिमाही में MRPL को ₹270 करोड़ का घाटा हुआ था, लेकिन इस बार कंपनी ने करीब ₹946 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। वहीं, मार्च तिमाही के मुकाबले भी मुनाफा ₹119 करोड़ से बढ़कर ₹914 करोड़ हो गया। हालांकि, इसमें एक महत्वपूर्ण कारण यह भी रहा कि कंपनी को पहले की गई कुछ पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई के संशोधित दामों से ₹471.76 करोड़ का असाधारण (Exceptional) लाभ मिला। इसके अलावा कंपनी ने नए कॉरपोरेट टैक्स सिस्टम को अपनाया, जिससे टैक्स दर घटकर लगभग 25.17% रह गई और इसका भी मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ा।
हालांकि, कंपनी के नतीजों में एक चिंता की बात भी रही। EBITDA तिमाही आधार पर 26% घटकर ₹1,318 करोड़ रह गया और EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 7.5% से घटकर 3.4% पर आ गया। इसका मतलब है कि कच्चे तेल की लागत और रिफाइनिंग मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। बावजूद इसके बाजार ने इस कमजोरी को ज्यादा महत्व नहीं दिया, क्योंकि निवेशकों का फोकस कंपनी की बेहतर कमाई, टैक्स बचत और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं पर रहा।
ऑपरेशनल मोर्चे पर भी कंपनी ने कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। MRPL को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पाइपलाइन के लिए PNGRB की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा कंपनी ने मंगलुरु, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में नए टर्मिनलों से प्रोडक्ट लोडिंग शुरू की है। इतना ही नहीं, कंपनी ने SAF (Sustainable Aviation Fuel) प्रोग्राम के तहत इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल की को-प्रोसेसिंग के लिए ISCC CORSIA सर्टिफिकेशन भी हासिल किया है। यह भविष्य में ग्रीन फ्यूल और सस्टेनेबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत कर सकता है।
एक्सपर्ट का मानना है कि MRPL के शेयर में हालिया तेजी के पीछे मजबूत वित्तीय नतीजे, टैक्स लाभ, ऑपरेशनल विस्तार और भविष्य की ग्रोथ संभावनाएं प्रमुख वजह हैं। हालांकि, रिफाइनिंग मार्जिन में गिरावट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। अगर आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपने मार्जिन में सुधार कर लेती है, तो शेयर में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। फिलहाल, MRPL उन सरकारी ऊर्जा कंपनियों में शामिल हो गई है, जिस पर निवेशकों की नजर सबसे ज्यादा बनी हुई है।


