
₹1.57 लाख से ज्यादा का शेयर और सिर्फ 3 रुपये का डिविडेंड, टायर बनाती है कंपनी
MRF के शेयर की बात करें तो बिकवाली मोड में है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को यह शेयर 1.57 लाख रुपये के स्तर पर था। कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए 3 रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया है। बता दें कि यह सबसे महंगा शेयर है।
MRF q2 result: भारत के सबसे महंगे शेयर वाली टायर निर्माता कंपनी MRF ने अपने निवेशकों को डिविडेंड देने का ऐलान किया है। हालांकि, जितना महंगा शेयर है उस हिसाब से डिविडेंड सिर्फ 3 रुपये का दिया गया है। दरअसल, कंपनी ने शुक्रवार को 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए 10 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर (30%) पर 3 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया। यह घोषणा कंपनी की वित्त वर्ष 2026 की सितंबर तिमाही की आय के साथ की गई। पात्र शेयरधारकों के निर्धारण के लिए रिकॉर्ड तिथि शुक्रवार, 21 नवंबर निर्धारित की गई है और डिविडेंड का भुगतान 5 दिसंबर, 2025 को या उसके बाद किया जाएगा।
शेयर का हाल
MRF के शेयर की बात करें तो बिकवाली मोड में है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को यह शेयर 1.57 लाख रुपये के स्तर पर था । 24 अक्टूबर को शेयर 1,63,500 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
MRF ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 526 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 471 करोड़ रुपये से 12% अधिक है। परिचालन से राजस्व 7,379 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज 6,881 करोड़ रुपये से 7.2% अधिक है। दूसरी तिमाही में कुल आय 7,487 करोड़ रुपये रही, जबकि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में यह 6,994 करोड़ रुपये थी।
सितंबर तिमाही में कंपनी का एबिटा से पहले की कमाई 1,234 करोड़ रुपये रही जबकि मार्जिन 16.7% रहा। पिछले साल की समान तिमाही में एबिटा 1,125 करोड़ रुपये था जबकि मार्जिन 16.4% रहा था। सितंबर तिमाही में MRF का कुल खर्च 7% बढ़कर 6,788 करोड़ रुपये हो गया जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 6,363 करोड़ रुपये था। दूसरी तिमाही में MRF का EPS या प्रति शेयर आय 1,239 रुपये रही।। यह वित्तवर्ष 2025 की समान तिमाही में 1,110 रुपये से ज्यादा है।





