G20 देशों में सबसे आगे जाएगी भारत की इकोनॉमी, मूडीज का अनुमान

Feb 09, 2026 04:36 pm ISTVarsha Pathak भाषा
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मूडीज ने अपनी बैंकिंग प्रणाली परिदृश्य रिपोर्ट में कहा कि परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत बनी रहेगी। हालांकि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) में कुछ दबाव देखने को मिल सकता है। इसके बावजूद, बैंकों के पास ऋण नुकसान को झेलने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

G20 देशों में सबसे आगे जाएगी भारत की इकोनॉमी, मूडीज का अनुमान

Indian Economy: भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर आगामी वित्त वर्ष में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह घरेलू खपत में मजबूती, नीतिगत उपायों और स्थिर बैंकिंग प्रणाली के दम पर जी-20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ेगी। रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह बात कही। मूडीज ने अपनी बैंकिंग प्रणाली परिदृश्य रिपोर्ट में कहा कि परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत बनी रहेगी। हालांकि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) में कुछ दबाव देखने को मिल सकता है। इसके बावजूद, बैंकों के पास ऋण नुकसान को झेलने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

क्या है डिटेल

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मजबूत व्यापक आर्थिक परिस्थितियों और संरचनात्मक सुधारों के समर्थन से 2026 में बैंकों के लिए परिचालन माहौल मजबूत बना रहेगा। मूडीज ने कहा, '' हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी दर 6.4 प्रतिशत रहेगी जो मजबूत घरेलू खपत एवं नीतिगत उपायों के कारण जी-20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज होगी।''

रेटिंग एजेंसी ने कहा, '' सितंबर 2025 में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का युक्तिकरण और इससे पहले व्यक्तिगत आयकर की सीमा बढ़ाए जाने से उपभोक्ताओं की वहन क्षमता सुधरेगी एवं खपत आधारित वृद्धि को समर्थन मिलेगा।'' वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मूडीज का यह अनुमान वित्त मंत्रालय की आर्थिक समीक्षा में जताई गई 6.8-7.2 प्रतिशत की सीमा से कम है।

क्या है आधिकारिक अनुमान

आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारत की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना है जो 2024-25 में दर्ज 6.5 प्रतिशत से अधिक है। मूडीज ने कहा कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहने और वृद्धि की गति मजबूत बने रहने से वह उम्मीद करता है कि भारतीय रिजर्व बैंक 2026-27 में मौद्रिक नीति में और ढील तभी देगा, जब आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेत मिलेंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2025 में अपनी नीतिगत दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत कर दिया है। मूडीज के अनुसार, समूची बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि वित्त वर्ष 2026-27 में मामूली बढ़कर 11-13 प्रतिशत रह सकती है जो वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 10.6 प्रतिशत रही है।

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak

वर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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