Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़monetary policy live will your emi be reduced or not rbi will tell today
Monetary Policy MPC in Hindi: RBI ने ब्याज दरों में की 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती, कम होगी आपकी EMI

Monetary Policy MPC in Hindi: RBI ने ब्याज दरों में की 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती, कम होगी आपकी EMI

संक्षेप:

Monetary Policy Highlights: गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​शुक्रवार सुबह मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन-दिवसीय बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा कर दी है। उन्होंने रेपो रेट में 0.25 पर्सेंट की कटौती की है। वहीं, आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है।

Dec 05, 2025 10:36 am ISTDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

Monetary Policy Highlights: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​शुक्रवार सुबह मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन-दिवसीय बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा कर दी है। उन्होंने रेपो रेट में 0.25 पर्सेंट की कटौती की है। यानी आपको सस्ते कर्ज और लोन के लिए अभी और इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आम सहमति से प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत करने का निर्णय किया। वहीं, आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

द्विमासिक मौद्रिक नीति पर एमपीसी की बैठक बुधवार को शुरू हुई थी। MPC की यह नीति बैठक ऐसे समय में हुई है जब देश में आर्थिक विकास मजबूत है, महंगाई दर ऐतिहासिक रूप से कम स्तर पर है, और भारतीय रुपया लगभग 90 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर के अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के आसपास बना हुआ है।

इस साल 125 बीपीएस रेपो रेट की कटौती

इस वर्ष, आरबीआई ने फरवरी से शुरू होकर चार बैठकों में कुल मिलाकार 125 बीपीएस रेपो रेट घटाई। अपनी अक्टूबर नीति में, एमपीसी ने रेपो दर को 5.50% पर अपरिवर्तित रखा और नीतिगत रुख को 'तटस्थ' बनाए रखा। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के जीडीपी विकास अनुमान को पहले के 6.5% से बढ़ाकर 6.8% किया, और साथ ही वित्त वर्ष 2026 के सीपीआई मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को पहले के 3.1% से घटाकर 2.6% कर दिया।

महंगाई पर क्या है आरबीआई का अनुमान

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के सीपीआई मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को पहले के 2.6% से घटाकर 2% कर दिया। तिमाही अनुमान इस प्रकार हैं:

तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 2026: 1.8% से घटाकर 0.6%

चौथी तिमाही वित्त वर्ष 2026: 4% से घटाकर 2.9%

पहली तिमाही वित्त वर्ष 2027: 4.5% से घटाकर 3.9%

दूसरी तिमाही वित्त वर्ष 2027: पूर्वानुमान 4%

जीडीपी ग्रोथ का अनुमान

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के जीडीपी विकास अनुमान को पहले के 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया। तिमाही अनुमान इस प्रकार हैं:

तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 2026: 6.4% से बढ़ाकर 7%

चौथी तिमाही वित्त वर्ष 2026: 6.2% से बढ़ाकर 6.5%

पहली तिमाही वित्त वर्ष 2027: 6.4% से बढ़ाकर 6.7%

दूसरी तिमाही वित्त वर्ष 2027: अनुमान 6.8%

क्या थी अर्थशास्त्रियों की उम्मीद

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) शुक्रवार को द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में लिए गए निर्णयों की घोषणा करेगा। विशेषज्ञों ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत कटौती किए जाने की उम्मीद जताई है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि तीसरी बार रेपो रेट को स्थिर रखा जा सकता है।

गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​शुक्रवार सुबह मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन-दिवसीय बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करेंगे। अगली द्विमासिक मौद्रिक नीति पर एमपीसी की बैठक बुधवार को शुरू हुई थी। यह बैठक घटती मुद्रास्फीति, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तेज वृद्धि, डॉलर के मुकाबले रुपये के 90 के पार जाने और मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों की पृष्ठभूमि में हो रही है।

खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट के बीच आरबीआई ने फरवरी से रेपो रेट में तीन किस्तों में कुल एक प्रतिशत की कटौती की है। हालांकि, पिछली दो बार से रेपो रेट को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है।

कई विशेषज्ञों का कहना है कि वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है, लेकिन खुदरा मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट ने प्रमुख अल्पकालिक ऋण दर में कटौती की अतिरिक्त गुंजाइश पैदा कर दी है। आरबीआई गवर्नर ने भी पिछले महीने कहा था कि नीतिगत ब्याज दरों में और कटौती की गुंजाइश है।

कोई बदलाव नहीं होने की संभावना

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना ​​है कि आरबीआई ब्याज दर में यथास्थिति कायम रख सकता है क्योंकि आर्थिक वृद्धि में तेजी आई है जो राजकोषीय समेकन, लक्षित सार्वजनिक निवेश और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर में कटौती जैसे विभिन्न सुधारों से बनी हुई है।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुख्य मुद्रास्फीति सरकार द्वारा निर्धारित दो प्रतिशत के निचले स्तर से नीचे बनी हुई है। इसके अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था ने दूसरी तिमाही में अपेक्षा से बेहतर 8.2 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर्ज की है।

आरबीआई पर जिम्मेदारी

सरकार ने आरबीआई को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर बनी रहे। आरबीआई के पहली छमाही के अपेक्षा से बेहतर आंकड़ों को देखते हुए अपने जीडीपी वृद्धि अनुमान को संशोधित करके बढ़ाने की भी उम्मीद है। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी अनुमान को अक्टूबर में 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया था।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia
टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल मिलाकर 20 साल का अनुभव। एचटी डिजिटल से पहले दृगराज न्यूज नेशन, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, सहारा समय और वॉच न्यूज एमपी /सीजी में रिपोर्टिग और डेस्क पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। स्पेशल स्टोरीज,स्पोर्ट्स, पॉलिटिक्स, सिनेमा, स्पोर्ट्स के बाद अब बिजनेस की खबरें लिख रहे हैं। दृगराज, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।