LPG संकट के बीच सरकार की बड़ी तैयारी, अब एथेनॉल से खाना पकाने का होगा इंतजाम

Deepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share

एलपीजी संकट के बीच केंद्र की सरकार एथेनॉल को एक वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया गया है। आइए डिटेल जान लेते हैं।

LPG संकट के बीच सरकार की बड़ी तैयारी, अब एथेनॉल से खाना पकाने का होगा इंतजाम

एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार, एथेनॉल को एक वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। जानकारी के मुताबिक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने एक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में लगभग 1,000 करोड़ लीटर की अतिरिक्त एथेनॉल क्षमता को खाना पकाने के काम में इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालयों के बीच बनी एक समिति को सौंपा जाएगा। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो ईंधन का मजबूत विकल्प तैयार हो सकता है।

क्या है पूरा मामला?

Moneycontrol की एक रिपोर्ट में सूत्र ने बताया-एथेनॉल को खाना पकाने के लिए एक पूरक स्वच्छ ईंधन के तौर पर देखा जा सकता है न कि LPG के विकल्प के तौर पर। यह आयात पर निर्भरता कम कर सकता है। वहीं, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ा सकता है और अतिरिक्त एथेनॉल का इस्तेमाल करने का एक व्यावहारिक रास्ता दे सकता है।

खास तौर पर बड़े पैमाने पर खाना पकाने के कॉमर्शियल कामों में जैसे कि होटलों, हवाई अड्डों और रेस्टोरेंट में। सूत्र ने बताया कि सरकार एथेनॉल की बढ़ती उपलब्धता और LPG की सप्लाई से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों, दोनों से वाकिफ है। एक बेहतर पॉलिसी बनाने के लिए कमेटी को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपा जाएगा। अधिकारियों से उम्मीद है कि वे कोई भी फैसला लेने से पहले इसकी तकनीकी व्यवहार्यता, कीमत और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी व्यवस्थाओं का आकलन करेंगे।

एथेनॉल के बारे में

भारत में एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और टूटे चावल को फर्मेंट और डिस्टिल करके बनाया जाता है। इसे एक रिन्यूएबल बायोफ्यूल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे पेट्रोल में मिलाकर कच्चे तेल का आयात और कार्बन उत्सर्जन कम किया जाता है। घरों में, यह परफ्यूम, पेंट और सफाई के सामान जैसे प्रोडक्ट्स में एक सॉल्वेंट के तौर पर काम करता है। हाल के ग्लोबल टेंशन की वजह से LPG की सप्लाई में कमी आई है, जिससे घरों में इस्तेमाल को प्राथमिकता देनी पड़ रही है जबकि कॉमर्शियल इस्तेमाल करने वालों को कमी का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच, सरकार ने बताया है कि देश में एलपीजी की मांग अब धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौट रही है क्योंकि घरेलू आपूर्ति बढ़ी है और गर्मियों की शुरुआत के साथ मांग में कमी आई है। बता दें कि पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के कारण ग्लोबल एनर्जी आपूर्ति प्रभावित होने से भारत में भी एलपीजी की उपलब्धता पर असर पड़ा था। इसके बाद सरकार ने घरेलू रसोई उपयोग को प्राथमिकता देते हुए होटल एवं रेस्तरां जैसे कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों को आपूर्ति में कटौती कर दी थी। इस कदम से उपभोक्ताओं में घबराहट बढ़ी और पिछले महीने दैनिक बुकिंग बढ़कर 88 लाख तक पहुंच गई जबकि सामान्य समय में प्रतिदिन करीब 45 लाख सिलेंडर की ही बुकिंग होती है।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar

हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,