
₹250 में खुलवा सकते हैं यह सरकारी खाता, मैच्योरिटी पर मिलेंगे ₹71.82 लाख, कैलकुलेशन- जानिए
इस योजना में फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही के लिए तय किया गया है। यही ब्याज दर वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में भी मिलती है, यानी पोस्ट ऑफिस स्कीमों में यह सबसे ऊंचे रिटर्न वाली योजनाओं में शामिल है।
Sukanya Samriddhi Yojana: सरकारी स्कीम सुकन्या समृद्धि अकाउंट (SSA), जिसे आम तौर पर सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) कहा जाता है, आज भी माता-पिता के लिए सबसे आकर्षक स्मॉल सेविंग स्कीम बनी हुई है। बता दें कि बेटियों की लंबी अवधि की आर्थिक सुरक्षा के लिए इसे सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू किया था। इस योजना में फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही के लिए तय किया गया है। यही ब्याज दर वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में भी मिलती है, यानी पोस्ट ऑफिस स्कीमों में यह सबसे ऊंचे रिटर्न वाली योजनाओं में शामिल है।
3.25 लाख करोड़ रुपये जमा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बताया कि पूरे देश में सुकन्या समृद्धि योजना के खाते 4 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुके हैं और अब तक इसमें 3.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हो चुके हैं। यह इस बात का सबूत है कि लोग अपनी बेटियों की पढ़ाई और शादी के खर्च के लिए SSY को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। इस स्कीम में माता-पिता या अभिभावक बच्ची के नाम पर अकाउंट खोलते हैं और मैच्योरिटी पर पूरा पैसा बेटी की पढ़ाई या शादी पर खर्च किया जा सकता है।
टैक्स फ्री कमाई और 21 साल में मैच्योरिटी
सरकार हर तिमाही इस योजना की ब्याज दर की समीक्षा करती है और मौजूदा दर 8.2% है। SSY की खास बात यह है कि इसमें मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और पुरानी टैक्स व्यवस्था वाले करदाताओं को धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स लाभ भी मिलता है। योजना में कम से कम 250 रुपये सालाना और अधिकतम 1.50 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। जमा करने की अवधि 15 साल होती है, जबकि अकाउंट 21 साल में मैच्योर होता है—इस दौरान आखिरी 6 साल बिना जमा किए भी ब्याज मिलता रहता है।
बेटी को मिलेगा 71.82 लाख रुपये
अगर कोई अभिभावक बेटी के जन्म से ही हर साल 1.50 लाख रुपये SSY में जमा करता है, तो 15 साल में कुल जमा राशि 22.50 लाख रुपये हो जाएगी। मौजूदा 8.2% ब्याज दर से इस राशि पर करीब 49.32 लाख रुपये का ब्याज जुड़ता है, जिसके बाद बच्ची को 21 साल की उम्र में लगभग ₹71,82,119 रुपये मिलते हैं। यह स्कीम कम जोखिम के साथ बड़ा कॉर्पस बनाने का आसान तरीका माना जाता है, जिसमें गारंटीड रिटर्न, टैक्स लाभ और सरकार की सुरक्षा, तीनों एक साथ मिलते हैं।





