मोदी सरकार बांट रही क्रेडिट कार्ड, 50 दिन तक बिना ब्याज के कीजिए खर्च
मुख्य बातें
- योजना के पात्र लाभार्थियों को RuPay रिटेल (पर्सनल) क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा
- योजना में बिना किसी गारंटी के 15000 रुपये, 25000 रुपये और 50000 रुपये के लोन तीन चरणों में दिए जाते हैं

केंद्र सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिसमें लाभार्थी को क्रेडिट कार्ड के जरिए पैसे खर्च करने को मिलता है। ऐसी ही एक योजना प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) है। मोदी सरकार की इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को RuPay रिटेल (पर्सनल) क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड के जरिए रेहड़ी-पटरी और ठेला लगाने वाले छोटे कारोबारियों को जरूरत पड़ने पर आसानी से अतिरिक्त पैसे मिल सकेंगे। खास बात यह है कि समय पर भुगतान करने पर लाभार्थी को 20 से 50 दिनों तक बिना ब्याज के क्रेडिट का लाभ मिलेगा।
किसे मिल सकता है फायदा?
सरकार के अनुसार, इस सुविधा का लाभ उन्हीं स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगा जिन्होंने PM स्वनिधि योजना के तहत दूसरे चरण का लोन पूरी तरह चुका दिया है और वे तीसरे चरण के लोन के लिए पात्र हैं या पहले ही तीसरा लोन ले चुके हैं। जिन लोगों ने तीसरे चरण का लोन भी चुका दिया है, वे भी इस सुविधा के लिए आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि बिना किसी गारंटी के 15000 रुपये, 25000 रुपये और 50000 रुपये के लोन तीन चरणों में दिए जाते हैं। डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने के लिए, स्ट्रीट वेंडरों को खुदरा/थोक डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए 1,600 रुपये तक के कैशबैक प्रोत्साहन दिए जाते हैं।
आवेदक को कौन-कौन दस्तावेज जमा करने होंगे:
i. आधार कार्ड
ii. पैन कार्ड
iii. वेंडिंग सर्टिफिकेट (कोविड), सिफारिश पत्र (एलओआर) या शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी)/ ब्लॉक कार्यालयों द्वारा जारी पहचान पत्र, जो स्ट्रीट वेंडर होने का प्रमाण हो।
iv. बचत बैंक खाते का विवरण
v. वर्तमान पते का प्रमाण, यदि आधार कार्ड में पता मान्य नहीं है।
इस योजना के तहत आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक का किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था में एनपीए या बट्टे खाते वाला खाता नहीं होना चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्रता तय करने के लिए किसी न्यूनतम क्रेडिट स्कोर को अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा।
इस योजना को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) संयुक्त रूप से लागू करते हैं। सरकार की ओर से एक बयान में बताया गया था कि इस साल मार्च तक लगभग 95 प्रतिशत लाभार्थियों ने पीएम स्वनिधि के तहत पहली बार औपचारिक संस्थागत ऋण प्राप्त किया। लगभग 30 प्रतिशत लोगों ने बाद में स्वनिधि ऋणों के अलावा अतिरिक्त लोन भी लिया। लाभार्थियों की आय में भी औसतन लगभग 20 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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