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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, सरकार ने CGHS को लेकर दी बड़ी राहत

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, सरकार ने CGHS को लेकर दी बड़ी राहत

संक्षेप:

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण इसलिए जारी किया है क्योंकि CGHS दरों में पिछले साल बड़े बदलाव के बाद लगातार यह सवाल उठ रहे थे कि OPD में कब ₹700 और कब ₹350 की फीस लगेगी। कई अस्पतालों और मरीजों के बीच इसे लेकर भ्रम बना हुआ था।

Jan 19, 2026 10:08 pm ISTVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
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CGHS (केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना) से जुड़े लाखों लाभार्थियों के लिए राहत की खबर है। OPD कंसल्टेशन चार्ज को लेकर लंबे समय से चल रही उलझन पर अब केंद्र सरकार ने साफ-साफ स्थिति स्पष्ट कर दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण इसलिए जारी किया है क्योंकि CGHS दरों में पिछले साल बड़े बदलाव के बाद लगातार यह सवाल उठ रहे थे कि OPD में कब ₹700 और कब ₹350 की फीस लगेगी। कई अस्पतालों और मरीजों के बीच इसे लेकर भ्रम बना हुआ था।

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क्या है डिटेल

सरकार ने साफ किया है कि ₹700 की OPD कंसल्टेशन फीस सिर्फ सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर के लिए ही मान्य होगी। यानी अगर मरीज किसी ऐसे डॉक्टर से परामर्श लेता है जिसके पास DM या MCh की मान्यता प्राप्त डिग्री है और वह उसी सुपर-स्पेशलिटी से जुड़ा इलाज कर रहा है, तभी ₹700 चार्ज किया जा सकता है। यह सुविधा भी केवल CGHS-एम्पैनल्ड अस्पतालों में ही लागू होगी। वहीं सामान्य तौर पर ₹350 की OPD फीस उन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के लिए होगी जिनके पास DM या MCh जैसी सुपर स्पेशलिस्ट डिग्री नहीं है।

इसके अलावा मंत्रालय ने IPD यानी भर्ती मरीजों को लेकर भी नियम दोहराए हैं। CGHS के मुताबिक, IPD मामलों में एक स्पेशलिस्ट द्वारा एक दिन में अधिकतम दो कंसल्टेशन ही मान्य होंगे। यह नियम पहले से लागू है और इसमें कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद इलाज के दौरान अनावश्यक और अतिरिक्त बिलिंग को रोकना है, ताकि मरीजों पर बेवजह आर्थिक बोझ न पड़े।

CGHS लाभार्थियों को सलाह

CGHS लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि OPD में जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। मरीज डॉक्टर की योग्यता (DM/MCh) की पुष्टि करें, यह जांचें कि अस्पताल CGHS में सूचीबद्ध है या नहीं, और बिल में यह साफ लिखा हो कि कंसल्टेशन स्पेशलिस्ट है या सुपर स्पेशलिस्ट। सरकार का मानना है कि यह नया स्पष्टीकरण पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ गलत बिलिंग पर भी रोक लगाएगा, जिससे CGHS लाभार्थियों और अस्पतालों—दोनों को फायदा होगा।

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak

वर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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