
मोदी सरकार दे रही 5 लाख रुपये लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड, कैसे मिलेगा फायदा, समझें
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की थी कि क्रेडिट गारंटी कवर को ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ किया जा रहा है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों सेक्टर के लिए आने वाले पांच वर्षों में ₹1.5 लाख करोड़ अतिरिक्त क्रेडिट खुलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिसके जरिए कर्ज लेकर आप अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं। सरकार का फोकस सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) और स्टार्टअप सेक्टर पर है। बीते एक फरवरी को पेश किए गए आम बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इससे जुड़े कुछ अहम ऐलान भी किए।

वित्त मंत्री ने Udyam Portal पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए एक विशेष ME-Card ( माइक्रो एंटरप्राइजेज कार्ड) योजना शुरू करने की घोषणा की। बजट में वित्त मंत्री ने बताया था कि इस कार्ड की अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये होगी और पहले वर्ष में 10 लाख ME-Card जारी किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य छोटे उद्योगों को तत्काल वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराना और बैंकों से ऋण प्रक्रिया को सरल बनाना है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा
वित्त मंत्रालय ने बताया था कि ME-Card के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमी अपने व्यापारिक खर्चों, इनवेंट्री खरीद और अन्य वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। कार्ड से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा और इसे UPI और नेशनल क्रेडिट गारंटी प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। कार्ड के तहत लोन स्वीकृति के लिए बैंक अपनी आंतरिक लेंडिंग नीतियों के अनुसार प्रोसेसिंग शुल्क ले सकेंगे। वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की थी कि क्रेडिट गारंटी कवर को ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ किया जा रहा है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए आने वाले पांच वर्षों में ₹1.5 लाख करोड़ अतिरिक्त क्रेडिट खुलने की उम्मीद है।
निवेश और टर्नओवर की लिमिट
वहीं, एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड MSME इकाइयों को अब ₹20 करोड़ तक के टर्म लोन की सुविधा मिलेगी, जिससे निर्यात क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इसके अलावा, MSME वर्गीकरण की सीमाओं में भी संशोधन किया गया है। अब निवेश और टर्नओवर की सीमा को क्रमशः 2.5 गुना और 2 गुना बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य MSME इकाइयों को स्केलेबल बनाना, टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट को प्रोत्साहन देना और पूंजी तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।



