सोना-चांदी होगा और महंगा! सरकार ने रातोंरात बढ़ा दी इंपोर्ट ड्यूटी
मुख्य बातें
- पीएम मोदी की सोना नहीं खरीदने की अपील के दो दिन बाद ही केंद्र ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दिया है
- इसका असर आज शेयर मार्केट में ज्वेलरी स्टॉक पर देखने को मिल सकता है
- वहीं, सर्राफा बाजारों में आज सोने के दाम में उछाल आने की संभावना है
मोदी सरकार ने सोने और चांदी के इंपोर्ट पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है, जिससे प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हो गया है। यह बढ़ोतरी मंगलवार रात से ही लागू हो गई है। इसका असर आज शेयर मार्केट में ज्वेलरी स्टॉक पर देखने को मिल सकता है। वहीं, सर्राफा बाजारों में आज सोने के दाम में उछाल आने की संभावना है। बता दें केंद्र कीमती धातुओं की विदेशी खरीद पर अंकुश लगाना चाहता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना चाहता है।
प्लेटिनम और उससे बने प्रोडक्ट जैसे हुक, क्लैप, पिन आदि पर भी 10% ड्यूटी लगेगी। रीसाइक्लिंग के लिए आने वाले स्पेंट कैटलिस्ट या राख, जिसमें कीमती धातु हो, पर भी कुछ शर्तों के साथ 10% ड्यूटी लागू होगी। नोटिफिकेशन के मुताबिक, सरकार ने 2000, 2018, 2021 और 2025 में जारी पुराने कस्टम नियमों में बदलाव किया है।
ज्वेलरी शेयरों पर असर
ड्यूटी बढ़ने के बाद ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर बड़ा असर दिख सकता है। पिछले दिनों कस्टम ड्यूटी बढ़ने की अटकलों की खबरों से ही टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड जैसी कंपनियों के शेयर 10% से 15% तक टूट गए थे। इन कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 50,000 करोड़ रुपये घट गया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर यानी करीब 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का सोना आयात किया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 24% अधिक है। भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है।
पीएम मोदी ने की है एक साल तक सोना न खरीदने की अपील
पिछले दिनों पीएम मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्राओं को टालने, रसायनिक खादों का प्रयोग कम करने, वनस्पति ऑयल का इस्तेमाल कम करने और पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने की अपील की थी। उनका कहना है कि सालभर में थोड़ी-सी बचत से करीबन 13 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा (Forex) बचाई जा सकती है।
भारत में सोने के आयात पर कटौती से कितनी विदेशी मुद्रा की बचत होगी?
अगर भारत में सोने की खपत कम हो जाए, तो देश को विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है, लेकिन एक्सपर्ट्स इस बात पर बंटे हुए हैं। अगर सोने की मांग 10% घट जाए, तो कितनी बचत हो सकती है।
आरुण सिंह (Dun & Bradstreet) के अनुसार 10% कटौती से हर साल करीब 13 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बचत हो सकती है। यह भारत के चालू खाता घाटे को GDP के 0.3% तक सुधार सकता है। वहीं, डी.के. श्रीवास्तव (EY India) के अनुसार घरेलू खपत में 10% गिरावट से सिर्फ 6 अरब डॉलर की बचत होगी, क्योंकि पूरा आयात घरेलू खपत में नहीं जाता।
सोना कितना भी सुरक्षित निवेश क्यों न हो, इसकी अत्यधिक खपत विदेशी मुद्रा भंडार पर बोझ डालती है। आयात बढ़ने से देश से बड़ी मात्रा में डॉलर बाहर जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार घटता है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत पर असर पड़ता है। इससे चालू खाता घाटा (CAD) भी बढ़ता है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


