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मोदी सरकार इस योजना में दे रही क्रेडिट कार्ड, कितने रुपये की है लिमिट, जान लीजिए

मोदी सरकार इस योजना में दे रही क्रेडिट कार्ड, कितने रुपये की है लिमिट, जान लीजिए

संक्षेप: बता दें कि सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान अभूतपूर्व कठिनाइयों का सामना करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों की सहायता के लिए 1 जून 2020 को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की थी। योजना के तहत अब क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा।

Sat, 15 Nov 2025 02:09 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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PM Svanidhi credit card: केंद्र की कई ऐसी स्कीम हैं जिसमें सरकार लोगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराती है। ऐसी ही स्कीम प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) भी है। बीते साल के आम बजट में सरकार ने इस स्कीम के तहत यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने का ऐलान किया था। इसकी लिमिट 30 हजार रुपये तक की तय की गई है। यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से स्ट्रीट वेंडरों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडर खुदरा और थोक लेनदेन करने पर 1,600 रुपए तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं।

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योजना के बारे में

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना की शुरुआत कोरोना काल में हुई थी। इसके तहत स्ट्रीट वेंडर्स को लोन दिया जाता है ताकि वे अपना काम कर सकें। यह योजना 31 मार्च, 2030 तक के लिए है। पहले योजना के तहत पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये दिया जाता था लेकिन बीते अगस्त महीने में सरकार ने इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया। इसी तरह, पहले लोन की दूसरी किस्त 20,000 रुपये होती थी। इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। वहीं, तीसरी किस्त पहले की तरह 50,000 रुपये पर है।

अगस्त में क्या बदला था?

बीते अगस्त महीने में सरकार ने बताया था कि इस योजना का कुल परिव्यय 7,332 करोड़ रुपए है। पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ देना है। इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी, आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) पर संयुक्त रूप से रहेगी। इसमें डीएफएस की भूमिका, बैंकों/वित्तीय संस्थानों और उनके जमीनी स्तर के अधिकारियों के माध्यम से ऋण/क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की रहेगी।

पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषताओं में पहली और दूसरी किस्त में बढ़ी हुई ऋण राशि, दूसरा ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा एवं थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं। इस योजना का दायरा चरणबद्ध तरीके से जनगणना कस्बों व अर्ध-शहरी क्षेत्रों आदि बढ़ाया जा रहा है।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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