
5% ब्याज पर 3 लाख रुपये तक लोन, बड़े काम की मोदी सरकार की यह स्कीम
संक्षेप: पीएम-स्वनिधि हो या मुद्रा लोन, ये सभी योजनाएं स्व-रोजगार को प्रोत्साहित करती हैं। ऐसी ही एक योजना- पीएम विश्वकर्मा है। योजना के तहत 5% की रियायती ब्याज दर के साथ 1 लाख रुपये और 2 लाख रुपये तक का गिरवी-मुक्त ऋण समर्थन प्राप्त होता है।
PM vishwakarma yojana: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कई ऐसी योजनाएं लॉन्च की हैं जिसके जरिए लोगों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए लोन मिलता है। पीएम-स्वनिधि हो या मुद्रा लोन, ये सभी योजनाएं स्व-रोजगार को प्रोत्साहित करती हैं। ऐसी ही एक योजना- पीएम विश्वकर्मा है। आइए इसके बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

क्या है पात्रता की शर्तें
योजना के तहत पात्रता की शर्त है कि लाभार्थी अपने हाथों एवं औजारों से काम करता हो। 18 पारंपरिक पेशों में से किसी एक में काम करता हो। इसके अलावा न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। यह भी जरूरी है कि पिछले 5 वर्ष में अभ्यर्थी द्वारा इससे मिलती जुलती केंद्र/राज्य सरकार की किसी भी ऋण आधारित योजना के अंतर्गत कोई भी लोन स्वरोजगार/व्यापार विस्तार के लिए नहीं लिया गया हो। योजना के अंतर्गत लाभ परिवार के सिर्फ एक ही सदस्य तक सीमित रहेगा। योजना के अंतर्गत परिवार को पति, पत्नी एवं अविवाहित संतान के रूप में परिभाषित किया गया है।
इसके अलावा अभ्यर्थी/पारिवारिक सदस्य सरकारी सेवा में पदस्थ नहीं होना चाहिए। योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के एजेंट कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों का पंजीकरण पोर्टल पर करते हैं। इसके लिए सरकार ने प्रक्रिया निर्धारित की है ताकि प्रत्येक विश्वकर्मा का रजिस्ट्रेशन बायोमीट्रिक के प्रयोग से आधार पुष्टिकरण द्वारा किया जा सके।
पीएम विश्वकर्मा में कितना लोन मिलता है?
योजना के तहत 5% की रियायती ब्याज दर के साथ 1 लाख रुपये (पहली किस्त) और 2 लाख रुपये (दूसरी किस्त) तक का गिरवी-मुक्त ऋण समर्थन प्राप्त होता है। भारत सरकार 8% की सीमा तक ब्याज अनुदान देती है और यह रकम बैंकों को अग्रिम रूप से प्रोवाइड की जाती है। यह योजना, शिल्पकारों को बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण, 15000 रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन तथा डिजिटल लेनदेन और विपणन सहायता के लिए प्रोत्साहन सहित कौशल उन्नयन के तरीके प्रदान करती है।





