
जीरो बैलेंस पर ₹10000 ओवरड्राफ्ट, ₹2 लाख बीमा, धमाकेदार है मोदी सरकार की स्कीम
बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ ऐसी योजनाएं शुरू की हैं जिसके जरिए करोड़ों लोगों को फायदा पहुंच रहा है। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू के मुताबिक देश भर के जनधन खातों में वर्तमान में लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये जमा हैं।
बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ ऐसी योजनाएं शुरू की हैं जिसके जरिए करोड़ों लोगों को फायदा पहुंच रहा है। ऐसी ही एक योजना जनधन खाते से जुड़ी है। इस योजना के तहत खाताधारकों को जीरो बैलेंस पर भी ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिल जाती है। इसके साथ ही अंतर्निहित बीमा वाले रुपे डेबिट कार्ड भी मिलता है। आइए डिटेल जान लेते हैं।
बेसिक बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडीए) - कोई भी भारतीय नागरिक जो मानक बैंक खाता खोलने के लिए पात्र है, वह बीएसबीडीए भी खोल सकता है। इस प्रकार के खाते में न्यूनतम शेष राशि रखने की जरूरत नहीं होती है। ट्रांजैक्शन बैंक शाखाओं, एटीएम और बैंकिंग सर्विस प्रोवाइडर्स के माध्यम से किए जा सकते हैं। प्रति माह निकासी अधिकतम चार तक सीमित है।
- इसके अलावा औपचारिक कानूनी दस्तावेजों के बिना व्यक्तियों के लिए, छोटे खाते खोले जा सकते हैं। ये 12 महीनों के लिए वैध होते हैं और यदि पहले वर्ष के भीतर आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज के लिए आवेदन का प्रमाण प्रस्तुत किया जाता है, तो इसे 12 महीनों के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
- योजना के तहत सभी लाभार्थियों को ₹2 लाख (28 अगस्त 2018 से पहले खोले गए खातों के लिए ₹1 लाख) के दुर्घटना बीमा कवर के साथ एक निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड प्राप्त होता है। वही, लाभार्थी ₹10000 तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
2.75 लाख करोड़ रुपये जमा
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू के मुताबिक देश भर के जनधन खातों में वर्तमान में लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। अगर प्रति खाता औसतन देखें तो 4,815 रुपये होते हैं। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसने 57 करोड़ से अधिक लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में शामिल किया। उन्होंने आगे कहा- करीब 78.2 प्रतिशत जन धन खाते ग्रामीण या अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं और 50 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम हैं।





