गोबर से होगी कमाई! मोदी कैबिनेट ने इस स्कीम को दी मंजूरी

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मुख्य बातें

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने के मकसद से 23,731 करोड़ रुपये के प्रावधान वाली योजना 'गोबरधन' को मंजूरी दे दी है
गोबर से होगी कमाई! मोदी कैबिनेट ने इस स्कीम को दी मंजूरी
गोबरधन स्कीम को 2026-27 से 2035-36 तक लागू किया जाएगा

केंद्र सरकार ने देश में बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई स्कीम को मंजूरी दी है। स्कीम का नाम 'गोबरधन' (GOBARdhan) है। करीब 23,731 करोड़ रुपये के कुल खर्च वाली इस स्कीम को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को हरी झंडी दी। इसके अलावा भी सरकार ने कुछ अहम फैसले लिए। आइए डिटेल जान लेते हैं।

कब तक लागू होगी स्कीम

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि 'गोबरधन' स्कीम को 2026-27 से 2035-36 तक लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य गोबर और कृषि कचरे से स्वच्छ ईंधन तैयार करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण कम करना है।

कैसे मिलेगा फायदा?

सरकार के मुताबिक, इस योजना में पशुओं का गोबर, फसलों का बचा हुआ अवशेष, गन्ने की खोई, शहरों का जैविक कचरा और अन्य बायोमास का इस्तेमाल कर बायोगैस और जैविक खाद तैयार किया जाएगा। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का नया स्रोत मिलेगा और कचरे का बेहतर उपयोग भी हो सकेगा।

सरकार ने कहा कि सुनिश्चित मांग, आकर्षक, स्थिर मूल्य निर्धारण, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन अवसंरचना, ऋण समर्थन और प्रौद्योगिकी विकास जैसे उपायों के जरिये यह योजना कम्प्रेस्ड बायोगैस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने के लिए मजबूत और स्पष्ट ढांचा मुहैया कराएगी।

सरकार ने लिया ये भी फैसला

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर 135.871 किलोमीटर लंबे गुवाहाटी-तेजपुर गलियारे का 8,970.20 करोड़ रुपये की लागत से विकास करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। चार लेन वाली इस राजमार्ग परियोजना को निर्माण-संचालन-हस्तांतरण (बीओटी) टोल मॉडल पर विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत तेजपुर बाइपास में 4.9 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का निर्माण किया जाएगा, जिसे भारतीय वायुसेना के साथ समन्वय कर अंतिम रूप दिया गया है। इससे ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिण में स्थित मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर यातायात का दबाव कम होगा।

इस परियोजना में बाइहाटा चारियाली, सिपाझार, खरुपेटिया, देकियाजुली और तेजपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों का जाम कम करने के लिए पांच प्रमुख बाइपास का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, परियोजना में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर, तेजपुर बाइपास में एक हाथी अंडरपास और 46 अंडरपास के निर्माण का प्रावधान है।

सरकार ने कहा कि इस गलियारे के विकास से यात्रा की औसत रफ्तार 100 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी और समय भी आधा रह जाएगा। इससे सड़क सुरक्षा में सुधार, वाहन परिचालन लागत में कमी आएगी। यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक, लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर संपर्क मुहैया करेगी।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

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हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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