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मोदी कैबिनेट ने नई योजना को दी मंजूरी, 7280 करोड़ रुपये होंगे खर्च, जानें डिटेल

मोदी कैबिनेट ने नई योजना को दी मंजूरी, 7280 करोड़ रुपये होंगे खर्च, जानें डिटेल

संक्षेप:

रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स दुनिया के सबसे शक्तिशाली मैग्नेट्स में से एक है। इनका इस्तेमाल- इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर और विंड एनर्जी, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, एयरोस्पेस, रक्षा और मिसाइल तकनीक जैसे क्षेत्र में होता है। 

Nov 26, 2025 05:39 pm ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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केंद्र सरकार ने बुधवार को एक बड़ी औद्योगिक योजना को मंजूरी दे दी। यह योजना सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स (REPM) है। योजना के तहत घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 7,280 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह भारत में अपनी तरह की पहली योजना है, जिसका मकसद देश में हर साल 6,000 मीट्रिक टन की क्षमता वाले अत्याधुनिक मैग्नेट बनाने के कारखाने स्थापित करना है। बता दें कि रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स दुनिया के सबसे शक्तिशाली मैग्नेट्स में से एक है। इनका इस्तेमाल- इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर और विंड एनर्जी, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, एयरोस्पेस, रक्षा और मिसाइल तकनीक जैसे क्षेत्र में होता है। इसके अलावा मेडिकल सेक्टर में भी इसे इस्तेमाल किया जाता है।

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योजना कैसे काम करेगी?

इस योजना के तहत सरकार ₹6,450 करोड़ की बिक्री-आधारित प्रोत्साहन राशि और ₹750 करोड़ की कैपिटल सब्सिडी देगी, जिससे देश में रेयर अर्थ ऑक्साइड से लेकर तैयार मैग्नेट तक की पूरी वैल्यू चेन स्थापित की जा सके। योजना के तहत कुल उत्पादन क्षमता को वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से पांच लाभार्थियों को आवंटित किया जाएगा। प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 1,200 टन प्रति वर्ष की क्षमता मिलेगी। इस योजना की अवधि सात वर्ष की होगी। इसमें दो साल का समय रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के प्लांट स्थापित करने और अगले पांच वर्ष बिक्री पर प्रोत्साहन देने के लिए निर्धारित किए गए हैं।

बता दें कि रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स पर अब तक चीन का प्रभाव रहा है। बीते दिनों चीन द्वारा इसके निर्यात प्रतिबंध लगाने के चलते आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं आई हैं, जिसका असर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्रों सहित उपयोगकर्ता उद्योगों पर पड़ा है।

सरकार का लक्ष्य

केंद्र सरकार के मुताबिक यह स्कीम आत्मनिर्भर भारत मिशन, नेट-जीरो 2070 लक्ष्य और विकसित भारत @2047 के विजन को आगे बढ़ाएगी। इससे देश में नए रोजगार सृजित होंगे, औद्योगिक सप्लाई चेन मजबूत होगी। वहीं, भारत वैश्विक REPM बाजार में एक अहम स्थान हासिल कर सकेगा।

Deepak Kumar

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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