पहले से 88% कम हुआ घाटा, 55% से ज्यादा उछल गए हैं कंपनी के शेयर
मीशो का घाटा पहले से 88% घटा है। चौथी तिमाही में मीशो का घाटा कम होकर 166 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1391 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी के शेयर 55% से ज्यादा उछल गए हैं।

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो का घाटा पहले से कम हुआ है। चौथी तिमाही में मीशो का कंसॉलिडेटेड घाटा कम होकर 166 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1391 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। मीशो के घाटे में 88 पर्सेंट की कमी आई है। मीशो के शेयरों में पिछले कुछ महीनों में जबरदस्त तेजी आई है। मीशो के शेयर 2 महीने से भी कम में 55 पर्सेंट से अधिक चढ़ गए हैं। मीशो के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 254.65 रुपये है।
47% बढ़ा है मीशो का रेवेन्यू
मीशो का रेवेन्यू चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 47 पर्सेंट बढ़कर 3531 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले की समान अवधि में मीशो का रेवेन्यू 2400 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर भी मीशो के घाटे में कमी आई है। मीशो को दिसंबर 2025 तिमाही में 491 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं, तिमाही आधार पर कंपनी का रेवेन्यू लगभग फ्लैट रहा है। चौथी तिमाही में मीशो की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू सालाना आधार पर 43 पर्सेंट बढ़कर 11,371 करोड़ रुपये रही है।
2 महीने से कम में 55% से ज्यादा चढ़ गए मीशो के शेयर
मीशो (Meesho) के शेयरों में पिछले 2 महीने से भी कम में 55 पर्सेंट से अधिक का उछाल देखने को मिला है। कंपनी के शेयरों में 52 हफ्ते के निचले स्तर से यह उछाल देखने को मिला है। मीशो के शेयर 16 मार्च 2026 को 125.70 रुपये पर थे। कंपनी के शेयर 6 मई 2026 को 196.50 रुपये पर जा पहुंचे हैं। पिछले एक महीने में मीशो के शेयरों में करीब 31 पर्सेंट की तेजी देखने को मिली है। वहीं, पिछले 5 साल में कंपनी के शेयर 9 पर्सेंट से अधिक उछल गए हैं।
IPO में 111 रुपये था कंपनी के शेयर का दाम
मीशो (Meesho) का आईपीओ 3 दिसंबर 2025 को खुला था और यह 5 दिसंबर तक ओपन रहा। आईपीओ में कंपनी के शेयर का दाम 111 रुपये था। मीशो के आईपीओ का टोटल साइज 5421 करोड़ रुपये तक का था। मीशो के शेयर 9 दिसंबर 2025 को बीएसई में 161.20 रुपये पर लिस्ट हुए थे। लिस्टिंग वाले ही दिन कंपनी के शेयर उछाल के साथ 170.20 रुपये पर बंद हुए। मीशो का आईपीओ टोटल 81.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी के आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में 19.89 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। गैर-संस्थागत निवेशकों के कोटे में 39.85 गुना दांव लगा। वहीं, क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशल बायर्स कैटेगरी में 123.34 गुना दांव लगा।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
हैं। वह शेयर बाजार, कॉरपोरेट, पर्सनल फाइनेंस, गैजेट्स और ऑटो की खबरें लिखते हैं। गैजेट्स और ऑटो रिव्यू में भी इनकी
दिलचस्पी है। बिजनेस से जुड़ी खबरों में विष्णु हमेशा इस बात पर फोकस करते हैं कि वह पाठकों के 'काम की बात' वाला एंगल
प्रमुखता से खबर में ला सकें, ताकि उनकी वित्तीय जागरूकता बढ़े। बिजनेस से जुड़ी खबरों में भाषा की सरलता और सहजता पर भी
विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।
पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


