मीशो की झोली में आई यह कंपनी, सुस्त शेयर पर विदेशी ब्रोकरेज फिदा
मुख्य बातें
- ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने किराना क्लब को खरीद लिया है
- डील की खबर के बीच मीशो के शेयर शुक्रवार को मामूली गिरावट के साथ 167.15 रुपये पर बंद हुए
- हालांकि, टारगेट प्राइस ₹225 है

ई-कॉमर्स की चर्चित कंपनी मीशो ने छोटे रिटेलर्स को सर्विस देने वाले प्लेटफॉर्म 'किराना क्लब' को खरीद लिया है। लगभग ₹202 करोड़ की इस डील से किराना क्लब के मौजूदा इन्वेस्टर्स को पूरी तरह से बाहर निकलने का मौका मिला है जबकि कंपनी के फाउंडर्स और ऑपरेशनल लीडरशिप बने रहेंगे। इस डील की खबर के बीच मीशो के शेयर शुक्रवार को मामूली गिरावट के साथ 167.15 रुपये पर बंद हुए। हाल ही में विदेशी ब्रोकरेज जेफरीज ने मीशो के शेयर पर 'बाय' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹225 तय करते हुए कवरेज शुरू कर दिया है।
क्या है डील की डिटेल?
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार शुक्रवार को मीशो (Meesho) के बोर्ड ने इस अधिग्रहण को मंजूरी दे दी। कंपनी सिंगापुर में रजिस्टर्ड 'किराना क्लब' की 100% हिस्सेदारी और भारत में मौजूद अपनी सब्सिडियरी 'रिटेल पल्स लैब्स प्राइवेट लिमिटेड' की 0.41% हिस्सेदारी खरीदेगी। डील पूरी होने के बाद 'रिटेल पल्स लैब्स' में बाकी 99.59% हिस्सेदारी 'किराना क्लब' के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से रखी जाएगी। यह डील 31 मार्च, 2027 तक तीन चरणों में पूरी होगी। मीशो ने कहा कि इसके लिए किसी सरकारी या रेगुलेटरी मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।
क्या है मीशो का प्लान?
दरअसल, मीशो कंज्यूमर ई-कॉमर्स से आगे बढ़कर भारत के किराना और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) कॉमर्स मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। मीशो ने कहा कि इस डील से पूरे भारत में किराना रिटेलर्स तक उसका डिजिटल कॉमर्स इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाने में मदद मिलेगी। कंपनी के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO विदित आत्रे ने कहा कि किराना क्लब ने अपने 'एसेट-लाइट' और 'कम्युनिटी-फर्स्ट' अप्रोच से छोटे रिटेलर्स के बीच गहरा भरोसा बनाया है। हमें भारत के उन मार्केट में विस्तार का मौका है जहां अभी सुविधाएं कम हैं।
किराना क्लब के बारे में
किराना क्लब की बात करें तो किराना स्टोर के लिए एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म और B2B कम्युनिटी नेटवर्क के तौर पर काम करता है। इसकी भारतीय सब्सिडियरी एक B2B ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस चलाती है जो किराना स्टोर और छोटे रिटेलर्स को FMCG ब्रांड और डिस्ट्रीब्यूटर्स से जोड़ती है। खासतौर पर टियर II-IV शहरों और ग्रामीण भारत में पकड़ मजबूत होगी। जानकारी के मुताबिक भारत का किराना मार्केट लगभग 658 बिलियन डॉलर का है, जिसमें किराना और जनरल ट्रेड चैनल का हिस्सा लगभग 91% है।
मीशो के तिमाही नतीजे
बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च तिमाही में मीशो का घाटा कम होकर 166.34 करोड़ रुपये रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 1,391.38 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस बीच, कंपनी का कुल खर्च 3,807 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले समान तिमाही में 2,636.83 करोड़ रुपये था।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मीशो का घाटा 2024-25 के 3,941.70 करोड़ रुपये से कम होकर 1,357.73 करोड़ रुपये रह गया। पूरे वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 34.4 प्रतिशत बढ़कर 12,626.34 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 9,389.90 करोड़ रुपये था।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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