10 में 8 कंपनियों का मार्केट कैप 2.81 लाख करोड़ रुपये घटा
पिछले सप्ताह शेयर बाजार में गिरावट के रुख के चलते देश की शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में आठ के संयुक्त बाजार मूल्यांकन में 2,81,581.53 करोड़ रुपये की कमी आई है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा।

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में गिरावट के रुख के चलते देश की शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में आठ के संयुक्त बाजार मूल्यांकन में 2,81,581.53 करोड़ रुपये की कमी आई है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 2,368.29 अंक यानी 2.91 प्रतिशत टूट गया। शीर्ष 10 की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस ही ऐसी कंपनियां रहीं, जिनके मूल्यांकन में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
क्या है डिटेल
आंकड़ों के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक का बाजार मूल्यांकन 53,952.96 करोड़ रुपये घटकर 10,55,567.27 करोड़ रुपये रह गया। आईसीआईसीआई बैंक के मूल्यांकन में 46,936.82 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 9,40,049.82 करोड़ रुपये पर आ गया। एचडीएफसी बैंक का मूल्यांकन 46,552.3 करोड़ रुपये घटकर 13,19,107.08 करोड़ रुपये रह गया।
लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के बाजार पूंजीकरण में 45,629.03 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 5,43,208.36 करोड़ रुपये रहा। बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन 28,934.56 करोड़ रुपये घटकर 5,91,136.03 करोड़ रुपये पर आ गया। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 14,750.39 करोड़ रुपये बढ़कर 19,01,583.05 करोड़ रुपये हो गया। इंफोसिस का मूल्यांकन भी 3,459.99 करोड़ रुपये चढ़कर 5,30,546.54 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बाजार पूंजीकरण के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।
एफपीआई ने निकाले 21,013 करोड़ रुपये
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च के पहले सप्ताह में चार दिन में भारतीय पूंजी बाजार में 21,013 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। शुद्ध निवेश लगायी गयी पूंजी और निकाली गयी पूंजी का अंतर होता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने इक्विटी में 21,000 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। हाइब्रिड उपकरणों में उन्होंने 463 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की। म्यूचुअल फंड से भी उन्होंने 345 करोड़ रुपये निकाले। दूसरी तरफ, एफपीआई ने डेट में अपना निवेश 794 करोड़ रुपये बढ़ाया। पश्चिम एशिया में गत 28 फरवरी से जारी संकट के कारण निवेशकों ने पूंजी बाजार से पैसे निकाले।
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Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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