डिफेंस की बड़ी डील की खबर, रॉकेट की तरह उड़ा यह शेयर, BSE भी हैरान
लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद यह शेयर 6 प्रतिशत चढ़ गया। शेयर में यह उछाल 99,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे से जुड़ी खबरों के बीच आया। शेयर में आई तेजी पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई ने कंपनी से जवाब भी मांगा है।

Mazagon Dock share price: कई दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी वाला माहौल था। इस माहौल के बीच डिफेंस कंपनी-मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के शेयर को खरीदने की लूट मच गई। लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद यह शेयर 6 प्रतिशत चढ़ गया। शेयर में यह उछाल 99,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे से जुड़ी खबरों के बीच आया। शेयर में आई तेजी पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई ने कंपनी से जवाब भी मांगा है।
शेयर का परफॉर्मेंस
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के शेयर बीएसई पर 10 प्रतिशत बढ़कर 2412.50 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। इस दौरान शेयर में अपर सर्किट भी लग गया। शेयर में अचानक आई तेजी को लेकर बीएसई ने कंपनी से जवाब मांगा है। बीएसई ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर कंपनी से पुष्टि करने को कहा है। इस शेयर के 52 हफ्ते के हाई की बात करें तो 3,778 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 2,130 रुपये है।
क्या है मामला?
खबरों के मुताबिक भारतीय नौसेना कथित तौर पर थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स से छह जर्मन पनडुब्बियों के डील को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रही थी। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, इन पनडुब्बियों का निर्माण मुंबई में मझगांव डॉक द्वारा किया जाएगा। जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (टीकेएमएस) ने 2025 में भारत में छह अपग्रेडेड पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण को प्रोजेक्ट 75(I) के लिए मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के साथ कॉन्ट्रैक्ट वार्ता शुरू की थी। यह डील देश का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा अधिग्रहण होने की उम्मीद थी।
प्रोजेक्ट 75(I) के तहत, टीकेएमएस द्वारा डिजाइन की गई छह अत्याधुनिक पनडुब्बियों का लाइसेंस के तहत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स द्वारा भारत में निर्माण किया जाना था।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
हाल ही में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। सरकारी स्वामित्व वाली रक्षा पोत निर्माता कंपनी का मुनाफा वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में पिछले वर्ष की इसी तिमाही के ₹807 करोड़ की तुलना में 9% बढ़कर ₹879.8 करोड़ हो गया। परिचालन से राजस्व में इस तिमाही में 14.6% की वृद्धि हुई और यह ₹3,601 करोड़ तक पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले के ₹3,143.6 करोड़ से अधिक है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में EBITDA में वार्षिक आधार पर 8.5% की वृद्धि हुई और यह ₹887 करोड़ तक पहुंच गया जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह ₹817.3 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के 26% से घटकर 24.6% हो गया, जो इस तिमाही में बढ़ी हुई इनपुट लागत और परिचालन व्यय को दर्शाता है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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