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AI वाली नौकरी भी सुरक्षित नहीं? मेटा ने 600 लोगों की छंटनी

AI वाली नौकरी भी सुरक्षित नहीं? मेटा ने 600 लोगों की छंटनी

संक्षेप:

बुधवार को कंपनी के चीफ प्राइवेसी ऑफिसर ने दी जानकारी में कहा था टीम को छोटी करने की जानकारी कर्मचारियों के साथ साझा कर दी गई है। उन्होंने बताया था कि मैन्युअल रिव्यू सिस्टम को ऑटोमेटेड सिस्टम पर शिफ्ट किया जा रहा है।

Sun, 26 Oct 2025 11:58 AMTarun Pratap Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Layoff News: अभी तक आप सुनते आ रहे होंगे की एआई नौकरियां खा रहा है। इसी बीच एक खबर ऐसी है जिससे लग रहा है कि एआई की नौकरियां भी सुरक्षित नहीं है। न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इंटाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने अपने एआई डिविजन में 600 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रहा है। कंपनी के एआई ऑफिसर ने बुधवार को इसकी जानकारी कर्मचारियों को दी। मेटा का कहना है कि इससे वो प्रोडक्ट्स को बनाने में तेजी ला पाएंगे।

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रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी का मानना है कि टीम छोटी होने के बाद बहुच ज्यादा बातचीत की जरूरत नहीं होगी। जिससे निर्णय लेने में तेजी आ सकेगी। बता दें, मेटा रिस्क रिव्यू ऑर्गेनाइजेशन में 100 लोगों की नौकरियों की छंटनी करने जा रहा है।

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ऑटोमेशन सिस्टम से होगा रिप्लेसमेंट

बुधवार को कंपनी के चीफ प्राइवेसी ऑफिसर ने दी जानकारी में कहा था टीम को छोटी करने की जानकारी कर्मचारियों के साथ साझा कर दी गई है। उन्होंने बताया था कि मैन्युअल रिव्यू सिस्टम को ऑटोमेटेड सिस्टम पर शिफ्ट किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कितनी लोगों की छंटनी की जाएगी इसकी जानकारी नहीं दी है। मेटा लंदन स्थिति रिस्क रिव्यू टीम को छोटी कर रहा है।

रिस्ट्रक्चरिंग के दौर से गुजर रही है मेटा

यह खबर ऐसे समय में आई जब कंपनी रिस्ट्रक्चरिंग के दौर से गुजर रही है। बीते तीन सालों से मेट का सीईओ मार्क जुकरबर्ग अपनी पूरी टीम का रिस्ट्रक्चर कर रहे हैं। जिससे ओपनएआई जैसी कंपनियों से बाजार में टक्कर ली जा सके। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार मेटा के अधिकारी जिस रफ्तार से नए प्रोडक्ट कंपनी बना रही थी उससे बिलकुल भी नाखुश थे।

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2019 में एफटीसी ने मेटा को नए रोल्स और पॉलिसी लागू करने की भी निर्देश दिया था। जिससे और पारदर्शिता आ सके। एजेंसी ने तब फेसबुक पर 5 बिलियन डॉलर का फाइन लगाया था। एफटीसी का कहना था कि फेसबुक अपने यूजर्स का डाटा नियंत्रित करके उनको गुमराह कर रहा है।

Tarun Pratap Singh

लेखक के बारे में

Tarun Pratap Singh
घर वाले इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन सामाजिक विषयों में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। लाइव हिंदुस्तान के लिए खबरें लिखने के साथ समय-समय पर ग्राउंड रिपोर्टिंग करते रहते हैं। बिजनेस, राजनीति, क्रिकेट, धर्म और साहित्य में गहरी रुचि है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एम.ए. और भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से पत्रकारिता का कोर्स किया है। तरुण, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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