8वें वेतन आयोग की उम्मीदों पर सवार मारुति के शेयर, 4% से अधिक की भरी रफ्तार
मुख्य बातें
- मारुति की कवरेज करने वाले 49 एनालिस्ट्स में से 43 ने Buy रेटिंग दी है
- बीओबी कैपिटल ने सबसे ऊंचा टार्गेट ₹18,821 रखा है
- इस बीच शेयर बुधवार, 29 अप्रैल को करीब 4% से अधिक चढ़ गए

8वें वेतन आयोग से कारों की बिक्री में इजाफे की बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसका फायदा मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड को मिल सकता है। एक ब्रोकरेज फर्म के इस अपडेट और अन्य की कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजों पर दी गई राय के बाद के शेयर बुधवार, 29 अप्रैल को करीब 4% से अधिक चढ़ गए। कंपनी के नतीजे लगभग अनुमान के मुताबिक ही रहे। बीएसई पर साढ़े 11 बजे के करीब मारुति के शेयर 4.36 प्रतिशत उछलकर 13454 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे।
देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन बनाने वाली कंपनी की आय (रेवेन्यू) में दो अंकों की बढ़ोतरी हुई, लेकिन मुनाफे पर दबाव रहा। इसकी वजह थी। अन्य आय में भारी गिरावट और अधिक टैक्स देना। साथ ही, कच्चे माल की बढ़ती लागत ने भी मुनाफे पर असर डाला, हालांकि कीमतों में बढ़ोतरी और लागत पर नियंत्रण से थोड़ी राहत मिली। बता दें डीलरों के पास करीब 12 दिनों की इन्वेंट्री (स्टॉक) मौजूद है। कंपनी FY30 तक 7 एसयूवी (SUV) लॉन्च करने की तैयारी में है।
ब्रोकरेज फर्मों ने क्या कहा?
मारुति की कवरेज करने वाले 49 एनालिस्ट्स में से 43 ने 'खरीदें' रेटिंग दी है। 4 ने 'होल्ड' और 2 ने 'बेचें' (Sell) की सलाह दी है। बीओबी कैपिटल ने सबसे ऊंचा लक्ष्य ₹18,821 रखा है।
1. एचएसबीसी (HSBC: 'खरीदें'
टार्गेट प्राइस: ₹15,000
क्यों खरीदें: कंपनी ने बढ़ती कीमतों (कमोडिटी इन्फ्लेशन) को अब तक अच्छे से मैनेज किया है। 10% की वॉल्यूम ग्रोथ का गाइडेंस सकारात्मक है और मांग बेहतर होने का इशारा देता है। 8वें वेतन आयोग (Pay Commission) से कंपनी को फायदा हो सकता है।
2. जेफरीज: 'होल्ड' (Hold)
टार्गेट प्राइस: ₹13,800
क्यों खरीदें: मार्च तिमाही का मुनाफा (EBIT) 30% बढ़ा, लेकिन कम इंट्रेस्ट इनकम की वजह से कुल मुनाफा 3% घट गया। यात्री वाहनों की मांग स्थिर है, लेकिन कंपनी का मार्केट शेयर 13 साल के निचले स्तर पर आ गया है। इसकी वजह है लोगों का SUV वाहनों की ओर बढ़ता रुझान।
3. यूबीएस: न्यूट्रल
टार्गेट प्राइस: ₹13,970
कच्चे माल के दबाव और कम छूट (डिस्काउंट) के बीच मुनाफे में सीमित बढ़ोतरी हुई। कंपनी को FY27 में 10% घरेलू वॉल्यूम वृद्धि और पहली बार कार खरीदने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है (51%)। निर्यात भू-राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगा। साथ ही, क्षमता बढ़ाने के लिए कैपेक्स बढ़ाकर ₹1,400 करोड़ किया गया है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


