दवा बनाने वाली इस कंपनी को अमेरिका ने दी मंजूरी, शेयर में आया जबरदस्त उछाल; अभी और चढ़ेगा?
फार्मा सेक्टर की कंपनी मार्कसंस फार्मा (Marksans Pharma Ltd) के शेयरों में अचानक 8% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है। इसकी वजह कंपनी को अमेरिका की दवा नियामक संस्था USFDA से मिलने वाली मंजूरी है। कंपनी को बेंज़ोनाटेट कैप्सूल के लिए फाइनल अप्रूवल मिल गया है।

फार्मा सेक्टर से एक बड़ी खबर आई है, जिसने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। मार्कसंस फार्मा (Marksans Pharma Ltd) के शेयरों में अचानक 8% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली और इसकी वजह एक अहम अंतरराष्ट्रीय मंजूरी है। कंपनी को अमेरिका की दवा नियामक संस्था USFDA (US Food and Drug Administration) से अपनी दवा बेंज़ोनाटेट कैप्सूल (Benzonatate Capsules -100mg और 200mg) के लिए फाइनल अप्रूवल मिल गया है। यह दवा खासतौर पर खांसी और फेफड़ों के संक्रमण (lung infection) से राहत देने के लिए इस्तेमाल होती है।
कैसे काम करती है यह दवा?
बेंजोनाटेट (Benzonatate) एक खांसी को रोकने की दवा (non-narcotic antitussive) है, जो श्वसन तंत्र (respiratory tract) के सेंसर को नंब (सुन्न) करती है और खांसी के रिफ्लेक्स को कम करती है। इसके अलावा ब्रोंकाइटिस, निमोनिया जैसी समस्याओं में राहत देती है, यानी यह दवा उन मरीजों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें लगातार खांसी की परेशानी रहती है।
क्यों खास है यह मंजूरी?
USFDA की मंजूरी मिलना किसी भी भारतीय कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। इससे कंपनी को अमेरिकी बाजार में एंट्री और बिक्री का मौका मिलता है। ये मोहर कंपनी की कमाई और ग्लोबल पहचान दोनों बढ़ा सकती है। यह दवा Pfizer Inc. की टेसलॉन कैप्सूल (Tessalon Capsules) के बराबर (bioequivalent) मानी गई है, यानी इसकी क्वॉलिटी और असर भी उसी स्तर का है।
शेयर में क्यों आई तेजी?
जैसे ही यह खबर आई, निवेशकों ने तेजी से खरीदारी शुरू कर दी। शेयर में करीब 8% की उछाल देखने को मिली। 1 अप्रैल 2026 को इसकी कीमत ₹168 तक पहुंच गई। हालांकि, साल 2026 में अभी भी यह शेयर कुल मिलाकर करीब 6% नीचे है, लेकिन यह खबर आगे के लिए पॉजिटिव संकेत दे रही है।
पहले भी मिल चुकी है मंजूरी
दिलचस्प बात यह है कि नवंबर में भी कंपनी को USFDA से एक और दवा (Loperamide Tablets) के लिए मंजूरी मिल चुकी थी, जो डायरिया के इलाज में काम आती है। मार्कसंस फार्मा (Marksans Pharma) के लिए यह USFDA अप्रूवल एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इससे कंपनी की ग्लोबल पकड़ मजबूत होगी और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। जैसे-जैसे कंपनी को अंतरराष्ट्रीय मंजूरी मिलती जाएगी, वैसे-वैसे इसके शेयर में लंबी रेस का दम दिख सकता है।
नोट- लाइव हिंदुस्तान किसी भी निवेशक को बिना सोचे-समझे और बगैर किसी जांच-परख के निवेश करने की सलाह नहीं देता है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


