बाजार में चौतरफा भूचाल: सोना-चांदी, शेयर सब गिरे, केवल कच्चे तेल में उछाल
Market Crash: ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से आज शेयर मार्केट में तबाही है। सोने-चांदी के दाम भी धड़ाम है। रुपया भी रसातल में है। केवल कच्चा तेल उड़ान भर रहा है। दुनियाभर के शेयर बाजारों में भूचाल के बाद आज घरेलू शेयर मार्केट भी तबाह है।

ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से आज शेयर मार्केट में तबाही है। सोने-चांदी के दाम भी धड़ाम है। रुपया भी रसातल में है। केवल कच्चा तेल उड़ान भर रहा है। इससे पहले दुनियाभर के बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में भूचाल रहा और वॉल स्ट्रीट में डाऊ जोंस फ्यूचर धड़ाम हो गया।
शेयर बाजार में तबाही
दुनियाभर के शेयर बाजारों में भूचाल के बाद आज घरेलू शेयर मार्केट भी तबाह है। सेंसेक्स 2300 से अधिक और निफ्टी 700 से धिक अंकों का गोता लगा चुका है। लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप स्टॉक्स भी लुढ़के हैं। बैंक निफ्टी 3.89 प्रतिशत, फाइनेंशियल सर्विसेज 3.67 प्रतिशत टूटे हें। ऑटो, एफएमसीजी, आईटी, मीडिया, मेटल, फार्मा, प्राइवेट बैंक, रियल्टी समेत सभी सेक्टोरल इंडेक्स लहूलुहान हैं। निवेशकों को कुछ ही मिनटों में ₹12 लाख करोड़ का नुकसान हुआ, क्योंकि BSE-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सेशन के ₹450 लाख करोड़ से घटकर लगभग ₹438 लाख करोड़ रह गया।
सोना-चांदी भी धड़ाम
एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 1.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,64,475 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गई। वहीं, सोना भी 1.1 प्रतिशत फिसलकर 1,59,826 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गिरा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में स्पॉट सिल्वर 2.2 प्रतिशत लुढ़ककर 82.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, स्पॉट गोल्ड की कीमत में भी गिरावट आई। यह 1.7 प्रतिशत टूटकर 5,082.51 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल डिलीवरी) में भी 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 5,099.40 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
रसातल में रुपया
भारतीय रुपया आज 0.50% या 46 पैसे गिरकर 92.1975 प्रति US डॉलर पर खुला। शुक्रवार, 6 मार्च को रुपया 91.74 पर बंद हुआ।
केवल कच्चा तेल ही उड़ान भर रहा
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 25% से ज़्यादा बढ़कर लगभग $117 प्रति बैरल हो गईं, जो पिछले हफ्ते ईरान युद्ध शुरू होने की वजह से हुई लगभग 28% की बढ़ोतरी को जारी रखती हैं। युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट के कुछ बड़े प्रोड्यूसर ने सप्लाई कम कर दी है और होर्मुज स्ट्रेट से शिपमेंट में लगातार रुकावट की चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत एक बड़ा ऑयल इंपोर्टर है। इसके लिए एक बड़ी चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे इंपोर्ट खर्च बढ़ता है, करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ सकता है, और रुपये पर और दबाव पड़ता है।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


