मार्जिन कॉल से शेयर मार्केट में हलचल, जानिए क्या है यह और क्यों है जोखिम भरा
Margin calls: पिछले पांच वर्षों में मार्जिन ट्रेडिंग के जरिए ली गई उधारी लगभग 7,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है। एचएएल, जियो फाइनेंशियल, आरआईएल, टीसीएस, मझगांव डॉक जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा एमटीएफ पोजीशन देखी गई हैं।
Stock Market Updates: आज भी घरेलू शेयर मार्केट में गिरावट है। इससे पहले सोमवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेशकों के 7.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मिडकैप इंडेक्स में 1200 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ, छोटे और मध्यम कंपनियों के शेयरों में विशेष रूप से ज्यादा नुकसान देखा गया।
गिरावट का कारण
ब्रोकर्स और बाजार सहभागियों के अनुसार, यह गिरावट खुदरा निवेशकों द्वारा 'मार्जिन फंडिंग' से जुड़ी बिकवाली के कारण शुरू हुई। कार्नेलियन कैपिटल के विकास खेमानी ने भी इस बात की पुष्टि की कि सोमवार को मार्जिन फंडिंग से जुड़ी बिकवाली देखी गई।
मार्जिन ट्रेडिंग क्या है?
मार्जिन ट्रेडिंग एक ऐसीसुविधा है, जिसमें निवेशक पूरी रकम चुकाए बिना, केवल एक हिस्सा भुगतान करके शेयर खरीद सकते हैं। बाकी की रकम दलाल उन्हें उधार देता है।
जोखिम क्यों है?
यह तरीका तेजी (बुल) के बाजार में फायदेमंद होता है क्योंकि मुनाफा बढ़ा सकता है, लेकिन उतार-चढ़ाव वाले बाजार में यह बहुत जोखिम भरा है। अगर शेयर की कीमत में अचानक गिरावट आती है, तो निवेशक को अपना नुकसान पूरा करने के लिए अतिरिक्त रकम (मार्जिन) जमा करनी पड़ती है। अगर वह ऐसा नहीं कर पाता, तो ब्रोकर्स ऑटोमेटिकली उसकी पोजीशन बेच देता है ताकि अपना उधार वसूल सके।
ब्याज का बोझ
इस तरह की उधारी पर लगने वाला ब्याज भी निवेशक पर भारी पड़ सकता है और संभावित मुनाफे को खत्म कर सकता है।
बढ़ते उधार के दांव
भारतीय बाजार में पिछले पांच वर्षों में मार्जिन ट्रेडिंग के जरिए ली गई उधारी लगभग 7,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है। एचएएल, जियो फाइनेंशियल, आरआईएल, टीसीएस, मझगांव डॉक जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा एमटीएफ पोजीशन देखी गई हैं।
आज बाजार की कैसी है चाल
मंगलवार को भी निफ्टी 50 इंडेक्स 200 अंक नीचे 25,800 के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में मौजूद एक्सेस अभी साफ हो रही है और अंततः यह करेक्शन बाजार के लिए स्वस्थ साबित होगा।





